सहकारी बैंकिंग को तकनीकी और पारदर्शी बनाने पर जोर, केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने के निर्देश

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सहकारी बैंकिंग को तकनीकी और पारदर्शी बनाने पर जोर, केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने के निर्देश


जयपुर, 11 मई (हि.स.)। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय में उच्च स्तरीय समिति एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की 62वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति, बैंकिंग मानकों, केवाईसी अनुपालन और तकनीकी आधुनिकीकरण की व्यापक समीक्षा की गई।

बैठक में डॉ. शर्मा ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक बनाने पर जोर देते हुए सभी बैंकों को केवाईसी मानकों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट के तहत निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने को कहा।

शासन सचिव ने सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को ग्राहकों के लिए शीघ्र मोबाइल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा देने के लिए लगभग 12 हजार प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों एवं पैक्स को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा।

उन्होंने कहा कि माइक्रो एटीएम के माध्यम से बैंक खाता खोलने जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो सके।

बैठक में “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत पैक्स कम्प्यूटरीकरण और बहुउद्देशीय पैक्स गठन की प्रगति की समीक्षा की गई।

डॉ. शर्मा ने 30 जून तक प्रथम चरण की 6,781 पैक्स के पूर्ण कंप्यूटरीकरण का लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

पाली और जैसलमेर केंद्रीय सहकारी बैंकों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें वैधानिक मानकों के अनुरूप मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं, नाबार्ड निरीक्षण में कमजोर रेटिंग प्राप्त बैंकों के लिए टर्न अराउंड प्लान बनाकर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया।

राजस्थान राज्य सहकारी बैंक द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में 10 लाख रूपे डेबिट कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण और कृषि आधारित ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में यह साफ किया गया कि सहकारी संस्थाओं का तकनीकी उन्नयन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और पशुपालकों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक में नाबार्ड, भारतीय रिजर्व बैंक, राजस्थान राज्य सहकारी बैंक तथा विभिन्न केंद्रीय सहकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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