भारतीय संस्कृति कर्तव्य बोध की वाहक: कुलगुरु प्रो. शर्मा

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भारतीय संस्कृति कर्तव्य बोध की वाहक: कुलगुरु प्रो. शर्मा


जोधपुर, 04 जून (हि.स.)। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में गोद लिए गए सालावास गांव में ग्रीष्मावकाश का उपयोग करते हुए सात दिवसीय संविधान जागरूकता शिविर आज से शुरू हुआ। प्रथम दिन कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र की मुख्य वक्ता जिला परिवहन अधिकारी मृदुला शेखावत थी।

प्रो. पवन कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर को विश्वविद्यालय के सामाजिक सरोकार की संज्ञा देते हुए इनकी आवश्यकता को रेखांकित किया। उनके अनुसार भारतीय संस्कृति अधिकार की अपेक्षा कर्तव्य पर बल देती है। यह शिविर नागरिकों में कर्तव्य बोध की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का परिचय देते हुए ग्रामीणों में मानसिक क्रांति का आह्वान किया। उनके अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर राष्ट्र निर्माण के यज्ञ में आहुति सुनिश्चित की जा सकती है।

मुख्य वक्ता मृदुला शेखावत ने ट्रैफिक़ नियमों की जानकारी को सजग नागरिक होने का प्रतीक बतलाया। उन्होंने लाइसेंस की महत्ता, उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया, यातायात संकेतक के अर्थ आदि को रेखांकित करते हुए नियमों की पालना पर बल दिया।

उनके अनुसार ट्रैफिक़ नियम की जानकारी और उसकी पालना स्वयं के साथ दूसरें के जीवन को भी बचाने का साधन है। कार्यक्रम की शुरुआत में प्राचार्य उम्मेदराज लक्षकार ने स्वागत किया, जबकि आभार स्थानीय संयोजक बबलाराम ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक डॉ दिनेश गहलोत ने किया। डॉ गहलोत ने बताया कि शुक्रवार को आरपीटीसी में पुलिस इंस्पेक्टर पंकज राज माथुर साइबर क्राइम पर अपना उद्बोधन दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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