विकसित भारत-2047 पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

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विकसित भारत-2047 पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न


जयपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति, जयपुर और महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत मिशन-2047 के संदर्भ में व्यवसाय, अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी के शासन में उभरती प्रवृत्तियों पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने 250 शोध पत्र प्रस्तुत किए।

सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र मौर्य और संयोजक प्रोफेसर रुबीना साजिद ने बताया कि उद्घाटन समारोह में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित्त चौधरी मुख्य अतिथि तथा गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक सिंह मीणा विशेष अतिथि रहे। महर्षि अरविंद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक डॉ. भरत पाराशर, महर्षि अरविंद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.सी. जैन और महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट के कंप्यूटर एवं आईटी विभाग के प्राचार्य प्रोफेसर डी.पी. शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

श्रीलंका के यूनिवर्सिटी ऑफ रुहूना की प्रोफेसर इंडि अकुरुगोड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि मानव और भौतिक संसाधनों के उचित समन्वय से ही विकास के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर निमित्त चौधरी ने समन्वय और सहयोग के महत्व पर जोर दिया। डॉ. भरत पाराशर ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प अनुशासित कार्ययोजना से ही साकार हो सकता है। गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक सिंह मीणा ने विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियोजन के साथ कुशल प्रशासन को आवश्यक बताया।

समापन समारोह में महर्षि अरविंद इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट, जयपुर के चेयरपर्सन प्रोफेसर एस.सी. जैन मुख्य अतिथि रहे। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, बिहार के गांधीवादी विचार एवं शांति अध्ययन विभाग के प्रोफेसर सुनील महावर तथा सीकर के राजकीय महाविद्यालय, रींगस के प्राचार्य प्रोफेसर एम.के. खान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रीलंका के यूनिवर्सिटी ऑफ रुहूना, मातारा के लोक नीति विभाग की प्रोफेसर डॉ. निशांका संजीवनी एरियार्थने ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त किए।

सम्मेलन की संयोजक प्रोफेसर रुबीना साजिद ने दो दिवसीय आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अंत में स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र मौर्य ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि इसमें देश-विदेश के शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए।

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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