एमडीएसयू के वनस्पति विज्ञान विभाग में मशरूम संग्रहालय का उद्घाटन

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एमडीएसयू के वनस्पति विज्ञान विभाग में मशरूम संग्रहालय का उद्घाटन




अजमेर, 13 मई (हि.स.)। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित विदाई समारोह, शैक्षणिक उपलब्धियों के उत्सव एवं नवाचार आधारित कार्यक्रम में शोध, रचनात्मकता और जैव विविधता संरक्षण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल रहे।

इस अवसर पर कुलगुरु ने विभाग द्वारा तैयार की गई विशेष कॉफी टेबल बुक “द सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ कैंपस मशरूम” का विमोचन किया। साथ ही विभागीय समाचार पत्रिका “संभवन” का लोकार्पण तथा नवस्थापित मशरूम संग्रहालय का विधिवत उद्घाटन भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के विभागों में रचनात्मकता, शोध और आलोचनात्मक चिंतन विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध और दस्तावेजीकरण के प्रयास विज्ञान को समाज के अधिक निकट लाने का कार्य करते हैं।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल विदाई समारोह नहीं, बल्कि “विभाग का विस्तार” है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गरिमा, मूल्यों और संस्कारों को जीवनभर साथ लेकर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जहां भी जाएं, वहां एमडीएसयू की उत्कृष्ट परंपराओं के प्रतिनिधि बनें और विश्वविद्यालय के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका निभाएं।

प्रो. अग्रवाल ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मशरूम के उदाहरण से सहअस्तित्व और सहयोग की भावना को समझाया। उन्होंने कहा कि मशरूम जैव अपघटक के रूप में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और वृक्षों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर प्रकृति में सामंजस्य का संदेश देते हैं। मानव समाज को भी प्रकृति से सहयोग, समन्वय और सहभागिता की प्रेरणा लेनी चाहिए।

वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद पारीक ने स्वागत भाषण देते हुए विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों, जैव विविधता संरक्षण और शोध कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉफी टेबल बुक में विश्वविद्यालय परिसर में पाई जाने वाली 70 से अधिक खाद्य, औषधीय, विषैली और मनोप्रभावी मशरूम प्रजातियों का वैज्ञानिक एवं आकर्षक दस्तावेजीकरण किया गया है। यह शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि विभागीय समाचार पत्रिका “संभवन” विभाग की शोध गतिविधियों, फील्ड विजिट और विद्यार्थियों के नवाचारों को साझा मंच प्रदान करेगी। वहीं मशरूम संग्रहालय विद्यार्थियों को जैव विविधता और व्यावहारिक अध्ययन के प्रति प्रेरित करेगा।

कार्यक्रम में प्रो. सुब्रतो दत्ता, प्रो. आशीष भटनागर, प्रो. मोनिका भटनागर, प्रो. शिव प्रसाद, प्रो. सुभाष चंद्र, प्रो. प्रवीण माथुर, प्रो. ऋतु माथुर, डॉ. आशीष पारीक, डॉ. राजू शर्मा और डॉ. अश्वनी तिवारी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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