अवैध पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: दिल्ली-तमिलनाडु से मंगवाते थे बारूद

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अवैध पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: दिल्ली-तमिलनाडु से मंगवाते थे बारूद


जयपुर, 11 जून (हि.स.)। खोह नागोरियान क्षेत्र में हुई भीषण पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड की जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ। उसका संचालन कयूम और याकूब नामक दो भाई अवैध रूप से कर रहे थे। हादसे के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी कयूम के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 1996 में मालवीय नगर थाने में मारपीट का पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद 1997 में मालवीय नगर थाने में ही धारा 147, 341 और 308 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वर्ष 2002 में दौसा के महुआ क्षेत्र में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2008 में धोखाधड़ी, 2013 में ज्योति नगर थाने में दुष्कर्म तथा 2024 में खोह नागोरियान थाने में मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस कयूम को आदतन अपराधी मान रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिल्ली और तमिलनाडु से अवैध रूप से बारूद मंगवाकर जयपुर में पटाखों का निर्माण करवा रहे थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि जयपुर में पांच अलग-अलग स्थानों पर अवैध पटाखा निर्माण इकाइयां संचालित की जा रही थीं। यहां तैयार पटाखों की सप्लाई जयपुर के अलावा दिल्ली और अन्य राज्यों में भी की जाती थी।

एफआईआर में फिरोज नामक एक अन्य आरोपी को भी नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार फिरोज दिल्ली से इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दिल्ली में भी सक्रिय है।

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों एवं गोदामों पर कार्रवाई करते हुए कई इकाइयों को सीज किया और बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। गुरुवार को पूरे क्षेत्र में सघन डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया गया।

इस अभियान के तहत उन मकानों और गोदामों की पहचान की जा रही है, जहां अवैध रूप से पटाखा निर्माण, प्लास्टिक गोदाम या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। साथ ही बाहरी राज्यों से आकर किराये पर रह रहे लोगों का सत्यापन भी किया जा रहा है। पुलिस ने पूर्व में तीन गोदामों और फैक्ट्रियों से पटाखा निर्माण में उपयोग होने वाले गत्ते के खाली खोल भी बरामद किए थे।

अग्निकांड में जान गंवाने वाले दो और मृतकों की पहचान हो गई है। इनमें गाजियाबाद निवासी नासिर और दिल्ली निवासी रेहान शामिल हैं। दोनों हादसे के समय फैक्ट्री के भीतर मौजूद थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

इस भीषण हादसे में अब तक समीर, आजिम, अब्दुल वहीद, रबिल, बिलाल, अशरफ, नासिर और रेहान सहित कुल आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे अवैध पटाखा निर्माण नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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