जयपुर में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन

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जयपुर में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन


जयपुर में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन


जयपुर में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन


जयपुर में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यालय घेरने निकली भाजपा पर पुलिस ने चलाई वाटर कैनन


जयपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जयपुर में प्रदेशव्यापी शक्ति प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर हजारों कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। पुलिस ने चौमूं हाउस सर्किल पर बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।

प्रदर्शन के कारण गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रहा तथा वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय से निकले जुलूस में प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, भूपेंद्र सैनी, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, विधायक कालीचरण सर्राफ, गोपाल शर्मा, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता सुमन शर्मा, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन चौमूं हाउस सर्किल पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पहले पुलिस ने समझाइश की, लेकिन भीड़ के नहीं मानने पर वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार की गई। पानी की बौछार के बावजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी पूरी तरह भीग गए, लेकिन उन्होंने वहीं खड़े होकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना भारतीय संसदीय परंपराओं के विपरीत है और इससे लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि 56 वर्ष की आयु में भी राहुल गांधी की राजनीति बचकानी है। वे अपनी बातों पर टिकते नहीं और केवल राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान करती है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राठौड़ ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के नाम पर दिल्ली में चलाया गया आंदोलन छात्रों का आंदोलन नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने दावा किया कि अस्पतालों में भर्ती घायलों की जानकारी लेने पर उनमें कोई भी छात्र नहीं मिला।

उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कश्मीर, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से बाहरी लोगों को बुलाया गया। उनके अनुसार प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, देश विरोधी नारे और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियां हुईं।

राठौड़ ने कहा कि पूरे मामले की जांच चल रही है और यह सामने आ जाएगा कि प्रदर्शन के लिए धन कहां से आया तथा भीड़ कैसे जुटाई गई।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास और महापुरुषों को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, तेजाजी महाराज और देवनारायण जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में सम्मानजनक स्थान देने का कार्य किया गया है, जिससे विपक्ष असहज है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी कारण शिक्षा मंत्री को निशाना बना रहा है।

मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 17 बार पेपर लीक और विश्वविद्यालयों के दो प्रश्नपत्र लीक हुए थे। तब न तो मुख्यमंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस किस आधार पर इस्तीफे की मांग कर रही है, इसका जवाब उसे जनता को देना चाहिए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आंदोलन के दौरान मीडिया की महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और अशोभनीय घटनाएं हुईं। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर इस प्रकार का आचरण किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में चर्चा और संवाद के लिए हमेशा तैयार रही है, लेकिन विपक्ष ने चर्चा छोड़कर टकराव का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा अराजक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देती रहेगी।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का उल्लंघन कर रहा है, जबकि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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