स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री का सरकार पर हमला, बोले- प्रदेश में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात
जयपुर, 23 मार्च (हि.स.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान स्थापित मजबूत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य मॉडल को वर्तमान सरकार द्वारा कमजोर किया जा रहा है, जिससे आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अपनी पोस्ट में गहलोत ने कहा कि राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत निजी अस्पतालों के बकाया भुगतान नहीं होने से एक बार फिर संकट की स्थिति बन गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी अस्पताल ओपीडी और फार्मेसी सेवाएं बंद करने की तैयारी में हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के सामने इलाज का संकट खड़ा हो सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने चिरंजीवी (मां) योजना को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि इसे शिथिल कर दिया गया है, जिसके कारण प्रदेशभर के अस्पतालों में इलाज में देरी हो रही है और आवश्यक दवाइयों की भारी कमी देखने को मिल रही है।
जयपुर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों और जनाना अस्पताल का जिक्र करते हुए गहलोत ने लिखा कि यहां खून की भारी कमी बनी हुई है, जो “हेल्थ इमरजेंसी” जैसे हालात पैदा कर रही है और यह स्थिति आम लोगों के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी ब्लड बैंकों पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
गहलोत ने अपनी पोस्ट में चाकसू विधानसभा क्षेत्र के 108 वर्षीय बुजुर्ग गोलूराम माली से मुलाकात का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि गांव में लोगों ने स्वास्थ्य सहित कई योजनाओं के बंद होने को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब वे सोशल मीडिया के जरिए जनता की समस्याएं उठाते हैं, तो समाधान निकालने के बजाय मुख्यमंत्री सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यक्तिगत टिप्पणियां करने में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आलोचनाओं का जवाब देने के बजाय जमीनी स्तर पर बिगड़ते हालात सुधारने पर ध्यान दे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

