छोटी काशी जयपुर में कार्तिक मास में मंदिरों में गूंजेगा हरिनाम संकीर्तन
जयपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। कार्तिक मास की शुरुआत के साथ ही छोटी काशी जयपुर में भक्ति, साधना और अध्यात्म का माहौल बनने लगा है। पूरे महीने श्रद्धालु भगवान श्री दामोदर की आराधना, हरिनाम संकीर्तन, तुलसी पूजन, दीपदान और मंदिरों की परिक्रमा कर नियम सेवा करेंगे। इस दौरान संयम और अनुशासन के साथ दिनचर्या अपनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण व्यक्त किया जाएगा।
कार्तिक मास में शहर के आराध्य देव गोविंद देवजी, राधा दामोदर, राधा गोपीनाथ और मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर सहित प्रमुख देवालयों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए गोविंद देवजी मंदिर में मंगला झांकी की अवधि बढ़ाकर सवा घंटे कर दी गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महीनेभर मंदिरों के आसपास रहकर भजन, पूजन और साधना में समय बिताएंगे।
कार्तिक मास में श्रद्धालुओं की दिनचर्या सुबह ब्रह्म मुहूर्त में तारों की छांव में पवित्र स्नान से शुरू होगी। इसके बाद वे मंगला आरती में शामिल होकर नामजप, हरिनाम संकीर्तन, मंदिर दर्शन और परिक्रमा करेंगे। संध्या समय दीपदान और आरती के साथ भक्ति का क्रम आगे बढ़ेगा। इस दौरान खान-पान में भी संयम रखा जाएगा। श्रद्धालु मसालेदार और तली-भुनी चीजों से परहेज कर उबली सब्जियां और सादी रोटी जैसे सात्विक भोजन को प्राथमिकता देंगे।
मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर में कार्तिक मास की नियम सेवा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां श्रद्धालुओं के नामजप, संकीर्तन और साधना पर विशेष जोर रहेगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के नियमित पूजन, ठहरने और सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी साधना पूरी कर सकें। कार्तिक मास को भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, दामोदर पूजा और दीपदान के लिए विशेष महत्व का माना जाता है। इस दौरान जयपुर के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों और भक्ति गतिविधियों के माध्यम से पूरे महीने आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

