पूर्व मुखी हनुमान मंदिर में सजेगी छप्पन भोग की झांकी

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पूर्व मुखी हनुमान मंदिर में सजेगी छप्पन भोग की झांकी


पूर्व मुखी हनुमान मंदिर में सजेगी छप्पन भोग की झांकी


जयपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। जौहरी बाजार स्थित सांगानेरी गेट के पास ऐतिहासिक पूर्व मुखी हनुमान मंदिर में शारदीय नवरात्र के साथ ही धार्मिक आयोजनों की धूम है। मंदिर में नवरात्र के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, अभिषेक, चोला श्रृंगार और आरती के साथ भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। इसी क्रम में मंगलवार, 13 अक्टूबर को हनुमान जी महाराज की 46वीं छप्पन भोग झांकी सजाई जाएगी। इस अवसर पर बालाजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और फूल बंगला झांकी भी सजाई जाएगी। छप्पन भोग के दर्शन के लिए मंदिर के पट रात 12 बजे तक खुले रहेंगे, जिससे श्रद्धालु देर रात तक दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर के महंत पंडित मुकेश गौड़ और युवाचार्य हर्ष शर्मा ने बताया कि छप्पन भोग महोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे श्रृंगार आरती होगी। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे छप्पन भोग की महाआरती की जाएगी और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। छप्पन भोग की झांकी में हनुमान जी महाराज को विविध व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दिन बाजार से प्रसाद लेकर नहीं आए, बल्कि मंदिर में ही छप्पन भोग का प्रसाद प्राप्त करें।

राजेश शर्मा और लवलेश शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा पर मंदिर में हनुमान जी महाराज का 101 किलो दूध से दुग्धाभिषेक किया गया। इसके बाद 11 किलो सिंदूर का चोला चढ़ाकर बालाजी महाराज को नूतन पोशाक धारण कराई गई। अभिजीत मुहूर्त में अखंड ज्योति प्रज्वलित कर विधि-विधान से घट स्थापना की गई। इसके साथ ही तुलसीकृत रामायण के नवाह्न परायण पाठ का शुभारंभ हुआ, जो लगातार नौ दिनों तक चलेगा।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में प्रतिदिन दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान, सिंदूर चोला, नूतन पोशाक धारण कराने और श्रृंगार आरती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में श्रद्धालु भाग लेकर बालाजी महाराज के दर्शन कर रहे हैं। छप्पन भोग और फूल बंगला झांकी के आयोजन को लेकर भी भक्तों में उत्साह है।

महंत पंडित मुकेश गौड़ ने बताया कि पूर्वमुखी हनुमान मंदिर में उनका परिवार चौथी पीढ़ी से बालाजी महाराज की सेवा और पूजा-अर्चना करता आ रहा है। मंदिर में परंपरागत रूप से धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पर्वों पर आयोजन किए जाते हैं। परिवार की ओर से इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

मंदिर में नवरात्रि के समापन पर 20 अक्टूबर को हवन, पूर्णाहुति, आरती और नवरात्रोद्यापन किया जाएगा। इसी दिन विजयादशमी के अवसर पर विजयोत्सव भी मनाया जाएगा। मंदिर में नवरात्र से लेकर विजयादशमी तक होने वाले आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पर्व मनाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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