गुरु-पुष्य नक्षत्र पर गणेशमय हुई छोटी काशी: मंदिरों में पंचामृत अभिषेक और मोदकों का भोग

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गुरु-पुष्य नक्षत्र पर गणेशमय हुई छोटी काशी: मंदिरों में पंचामृत अभिषेक और मोदकों का भोग


गुरु-पुष्य नक्षत्र पर गणेशमय हुई छोटी काशी: मंदिरों में पंचामृत अभिषेक और मोदकों का भोग


गुरु-पुष्य नक्षत्र पर गणेशमय हुई छोटी काशी: मंदिरों में पंचामृत अभिषेक और मोदकों का भोग


जयपुर, 18 जून (हि.स.)। वर्ष के सबसे शुभ और दुर्लभ माने जाने वाले गुरु-पुष्य नक्षत्र एवं अमृत सिद्धि योग के अवसर पर गुरुवार को छोटी काशी जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों, पंचामृत अभिषेक, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलकामना की प्रार्थना की। वहीं शुभ मुहूर्त में शहरभर में जमकर खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत भी हुई।

जयपुर स्थापना से पूर्व के प्राचीन गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में पुरुषाकृति बाल गणेश का पंचामृत अभिषेक किया गया। अथर्वशीर्ष मंत्रोच्चार के साथ मोदकों का भोग लगाया गया। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत पंडित कैलाश शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी का 251 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा पांच किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल तथा इत्रों से विशेष अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद सहस्त्रनामों के साथ 1001 मोदकों का भोग अर्पित किया गया। शाम को भगवान गणेश को पुष्पों से सुसज्जित फूल बंगले में विराजमान कर विशेष खीर का भोग लगाया गया।

ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित श्री नहर के गणेशजी मंदिर में महंत पंडित जय शर्मा के सान्निध्य में दूर्वा मार्जन सहित पंचामृत अभिषेक हुआ। युवाचार्य पंडित मानव शर्मा ने बताया कि अभिषेक के बाद भगवान को नवीन पोशाक धारण कराई गई तथा सायंकाल 251 दीपकों से भव्य महाआरती की गई। श्रद्धालुओं को विघ्न निवारण एवं सुख-समृद्धि के प्रतीक रक्षा सूत्र वितरित किए गए। वहीं चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में महंत पंडित अमित शर्मा के सान्निध्य में भगवान गणेश का 101 किलो दूध एवं पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, शहद, गंगाजल, केवड़ा जल, गुलाब जल और केसर जल से अभिषेक के बाद गणपति सहस्त्रनामावली के साथ हवन कर 1008 मोदकों की आहुति दी गई। भगवान को सिंदूर का चोला अर्पित कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। श्रद्धालुओं ने गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया तथा भक्तों को गणेश एवं लक्ष्मी स्वरूप हल्दी की गांठ और सुपारी वितरित की गई।

इसके अलावा गलता गेट स्थित गीता गायत्री गणेश मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सान्निध्य में पुष्याभिषेक हुआ। भगवान को सिंदूरी चोला धारण कराया गया और मोदकों का भोग लगाया गया। ध्वजाधीश गणेशजी (बड़ी चौपड़), श्वेत सिद्धि विनायक (सूरजपोल), आत्माराम ब्रह्मचारी गणेश मंदिर (दिल्ली रोड) तथा खिरणी फाटक गणेश मंदिर सहित अनेक मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और पुष्याभिषेक हुए। साथ ही गुरु-पुष्य और अमृत सिद्धि योग के शुभ संयोग में शहरभर में खरीदारी का उत्साह भी देखने को मिला। ज्वैलरी, वाहन और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने भूमि-भवन, वाहन खरीद, नए निवेश, बैंक खातों की शुरुआत तथा व्यावसायिक अनुबंधों को अंतिम रूप दिया।

पंडित बनवारीलाल शर्मा ने बताया कि गुरु-पुष्य अमृत सिद्धि योग में किए गए शुभ कार्यों का फल दीर्घकाल तक प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस विशेष संयोग में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ नए कार्यों की शुरुआत को भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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