टैलेंट डे पर बच्चों ने नाटिका से खोला 'गुप्त वृंदावन धाम' का रहस्य

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टैलेंट डे पर बच्चों ने नाटिका से खोला 'गुप्त वृंदावन धाम' का रहस्य


जयपुर, 31 मई (हि.स.)। गुप्त वृंदावन धाम में चल रहे समर कल्चर कैंप के प्रथम बैच का रविवार को 'टैलेंट डे' के आयोजन के साथ भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में बच्चों ने अपनी अद्भुत सांस्कृतिक, कलात्मक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिविर में सीखे संस्कारों और कला का बच्चों ने मंच पर ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समापन समारोह में शिविरार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई ‘गुप्त वृंदावन धाम का रहस्य’ नाटिका विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस प्रभावशाली नाटक के माध्यम से बच्चों ने इतिहास और अध्यात्म के सुंदर समन्वय को मंच पर उतारा। नाटिका में दिखाया गया कि किस प्रकार मुगलों के आक्रमण के समय ठाकुर श्री गोविंद देव जी महाराज को सुरक्षित रखने के लिए वृंदावन से जयपुर लाया गया था। बच्चों ने अभिनय के जरिए बताया कि इसी गौरवशाली और पावन इतिहास के कारण ही गुलाबी नगरी जयपुर को 'गुप्त वृंदावन' के नाम से भी जाना जाता है।

टैलेंट डे के मौके पर केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि बालिकाओं ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य कत्थक की बेहद खूबसूरत और सधी हुई प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही बच्चों ने शुद्ध उच्चारण के साथ श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर वाचन किया, जिससे पूरा वातावरण शुद्ध और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

गुप्त वृंदावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने बच्चों की इस विशेष आध्यात्मिक प्रतिभा और प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को ऐसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कल्चर कैंप्स की बेहद जरूरत है। ये कैंप न केवल बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि उनके नैतिक जीवन की नींव को भी मजबूत करते हैं और उन्हें जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।

इस भव्य समापन समारोह में शहर के कई गणमान्य प्रबुद्धजन और समाजसेवी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए जिसमें ओम प्रकाश मोदी, अशोक अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, रवि गर्ग, श्री मोहित गर्ग, शंकर रे, मुकुट बिहारी गोयल, मुक्ता गोयल, अंशिता, राजेंद्र मालपानी सभी अतिथियों ने बच्चों के हुनर और उनके भीतर छिपे संस्कारों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और सभी बच्चों को स्मृति चिह्न प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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