बसंत पंचमी को मनाया जाएगा गोविंद देवजी मंदिर का पाटोत्सव
जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। गोविन्द देव जी मंदिर में बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी को ठाकुर श्री गोविन्द देव जी का पाटोत्सव (पट्टाभिषेक) श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। बसंत पंचमी पर कुछ झांकियों के समय में मामूली परिवर्तन किया जाएगा। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में धूप झांकी खुलने पर पहले अधिवास पूजन होगा। इसके बाद धूप आरती होगी। श्रृंगार आरती के बाद जगमोहन के मध्य ठाकुर श्रीजी के सन्मुख मां भगवती सरस्वती देवी का पूजन होगा। फिर राजभोग आरती संपन्न होगी। ठाकुरजी को केसरिया रंग की पोशाक धारण कराई जाएगी और पीले पुष्पों से श्रृंगार किया जाएगा। केसरिया खीर सहित अन्य व्यंजनों का भोग अर्पित होगा।
इस उत्सव के लिए कोई सेवा राशि जमा नहीं की जाएगी। पंचामृत अभिषेक के लिए कोई सूखा सामान, दूध, दही, घी, शहद, बूरा आदि नहीं लिया जाएगा।
मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि माध्व-गौड़ीय संप्रदाय के मूल बंगला भाषा के सर्वमान्य ग्रंथ भक्ति रत्नाकर के द्वितीय तरंग में यह उल्लख है श्री गोविन्द प्रगटे होइलो रूप द्वारे...अर्थात श्रील रूप गोस्वामी ने ठाकुर श्री गोविन्द देव जी का प्राकट्य किया था। इसी परंपरा के अनुसार प्रतिवर्ष बसंत पंचमी पर यह पाटोत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर गोमाटीला पर श्रील रूप गोस्वामी जी द्वारा ठाकुर श्री गोविंद देव जी के प्राकट्य अभिषेक के दर्शन होंगे। बसंती पंचमी की विशेष झांकी सजाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

