राधाष्टमी  पर भक्ति के रंग में रंगेगा गोविंददेवजी मंदिर

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राधाष्टमी  पर भक्ति के रंग में रंगेगा गोविंददेवजी मंदिर


जयपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। मंदिर श्री गोविंद देव जी महाराज में श्री राधाष्टमी महोत्सव इस बार 19 सितंबर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव के तहत 14 से 18 सितंबर तक मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इन दिनों सुबह और शाम प्रसिद्ध भजन मंडलियों की ओर से हरिनाम संकीर्तन और भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 18 सितंबर को प्रातः से सायंकाल तक अष्ट प्रहर हरिनाम संकीर्तन का आयोजन होगा।

गोविंद देवजी मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार 14 सितंबर को सायंकाल श्री गौरांग महाप्रभु संकीर्तन मंडल की ओर से भजन-कीर्तन होगा। 15 सितंबर को प्रातः बरसाना वाले सौरभ शर्मा तथा सायंकाल श्री राधा गोविन्द सखी परिवार की ओर से गायन प्रस्तुत किया जाएगा।

वहीं 16 सितंबर को प्रातः श्री श्याम भजन संध्या परिवार सेवा समिति की ओर से तथा सायंकाल एसएमएस ब्लड बैंक परिवार की ओर से भजन-कीर्तन होगा। 17 सितंबर को प्रातः श्री सरस प्रभात मंडल और सायंकाल श्री श्याम अनमोल सेवा रत्न परिवार ट्रस्ट की ओर से संकीर्तन किया जाएगा। 18 सितंबर को पूरे दिन अष्ट प्रहर हरिनाम संकीर्तन होगा। इन दिनों राजभोग की झांकी प्रातः 10.45 से 11.15 बजे तक रहेगी।

राधाष्टमी के मुख्य पर्व 19 सितंबर को ठाकुर जी एवं श्री राधा रानी का पंचामृत से महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद बधाई उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में विशेष झांकियों के दर्शन होंगे।

मंगला झांकी प्रातः 4 से 4.15 बजे, अभिषेक 4.45 से 5 बजे, धूप झांकी 7.45 से 9 बजे तथा श्रृंगार एवं बधाई उत्सव की झांकी 9.30 से 10.15 बजे तक होगी। राजभोग झांकी 11 से 11.30 बजे तक रहेगी।

सायंकाल ग्वाल झांकी 5 से 5.15 बजे, संध्या झांकी 5.45 से 6.45 बजे और उत्सव दर्शन रात्रि 7 से 8.30 बजे तक होंगे। शयन झांकी रात्रि 9 से 9.15 बजे तक रहेगी।

महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी तकलीफ से पीड़ित मरीजों सहित गंभीर बीमारियों से ग्रसित श्रद्धालुओं को भीड़ में आने से बचने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं से कीमती सामान, बैग, थैला, लेडीज पर्स और महंगे आभूषण लेकर मंदिर नहीं आने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त पानी पीने के लिए पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तत्काल मंदिर प्रशासन या पुलिस को इसकी सूचना दें। राधाष्टमी महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजनों के साथ सुरक्षा एवं सुव्यवस्था पर भी विशेष जोर रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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