राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 3 वर्ष में 12 हजार 500 करोड़ रुपए से मजबूत होगा एजुकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर
जयपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के सभी 41 जिलों में सरकारी विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 3 वर्ष में लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा। वर्तमान सरकार द्वारा ढाई वर्ष के कार्यकाल में विद्यालय भवन एवं अतिरिक्त कक्षा कक्षों के निर्माण में 2 हजार 723 करोड रूपये से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है, जबकि गत सरकार द्वारा अपने 5 साल के कार्यकाल में कुल 2 हजार 287 करोड रूपये ही व्यय किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिक्षा के आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर तैयार रोडमैप के सुचारू क्रियान्वयन को लेकर निर्देश दिए। तकनीकी सर्वे के आधार पर तैयार रोडमैप के अनुसार स्कूलों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 3 हजार 587 नए विद्यालय भवनों पर लगभग 2 हजार 487 करोड़ रुपये, 83 हजार 783 नवीन कक्षा-कक्षों पर लगभग 8 हजार 378 करोड़ रुपये से अधिक तथा 22 हजार 589 विद्यालयों में मेजर रिपेयर पर लगभग 1 हजार 129 करोड़ रुपये से अधिक तथा 13,616 नए शौचालय परिसरों पर लगभग 340 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य करवाए जाएंगे।
इसी तरह, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 107 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार स्मार्ट क्लास तथा 880 करोड़ रुपये की लागत से 7 हजार आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। साथ ही, लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में वर्तमान सरकार ने अब तक अभी तक कुल 88 हजार 724 मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क टेबलेट मय इन्टरनेट कनेक्शन सहित वितरित किए गए है। जबकि गत सरकार द्वारा अपने पूरे 05 वर्ष के कार्यकाल में एक भी टेबलेट/लैपटॉप नहीं दिया है।
वर्तमान सरकार ने स्कूलों में आधारभूत संरचना के विकास पर 2 हजार 723 करोड रूपये से अधिक की राशि व्यय किया है। राज्य सरकार द्वारा 182 करोड रूपये से अधिक की लागत से 179 विद्यालय भवनों का निर्माण तथा जर्जर कक्षा-कक्षों का चिन्हिकरण कर 757 करोड रूपये व्यय के साथ 7 हजार 945 अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण करवाया गया है।
राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत निजी विद्यालयों को कुल 2 हजार 146 करोड़ रुपये से अधिक का पुनर्भरण किया है। आरटीई के तहत सत्र 2025-26 में 2.37 लाख नवप्रवेशित विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश तथा सत्र 2026-27 में 4.39 लाख नवप्रवेशित विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश दिया गया। इसी तरह राज्य सरकार ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब तक 13 लाख 85 हजार 373 से अधिक साइकिलें तथा समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए विशेष आश्यकता वाले बच्चों को कुल 19 हजार 766 अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। जबकि गत सरकार द्वारा अपने पूरे 05 साल के कार्यकाल में केवल 10 लाख साइकिलों का वितरण ही किया गया था।
राज्य सरकार के प्रयासों से सरकारी विद्यालयों में कोविड के पश्चात नामांकन में गिरावट की प्रवृत्ति में बड़ा बदलाव आया है। गत 05 सालों में पहली बार राजकीय विद्यालयों का नामांकन बढकर 73 लाख 13 हजार हुआ है। इन प्रयासों में 01 अप्रैल से शैक्षिक सत्र की शुरूआत एवं विद्यालयों में समय पर पाठ्यपुस्तकें भिजवाने आदि शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि नए सत्र के साथ ही 4.42 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा किया जा चुका है।
राज्य सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दृष्टिगत शिक्षा विभाग में पूरी पारदर्शिता के साथ 48 हजार 465 नई नियुक्तियां व 66 हजार 47 पदोन्नतियां की है। जबकि गत सरकार ने पूरे कार्यकाल में केवल 58 हजार 339 पदोन्नतियां ही दी थीं। वर्तमान सरकार द्वारा विद्यालयों में 19 हजार सहायक कर्मचारी भी लगाए गए हैं। वहीं, गत दो माह में बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक, प्रयोगशाला सहायक, कनिष्ठ सहायक तथा सहायक कर्मचारी संवर्ग के 83 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक

