राजस्थान में जल प्रबंधन को मिलेगा वैश्विक सहयोग, एआईडब्ल्यूसी के साथ एमओयू साइन
जयपुर, 18 मार्च (हि.स.)। राजस्थान में जल प्रबंधन और सतत विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग और ऑस्ट्रेलिया-इंडिया वाटर सेंटर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री दिलावर ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ज्ञान, अनुभव और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और अधिकारियों, नीति निर्माताओं तथा अन्य हितधारकों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से सतत विकास, जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह राज्य को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार करेगा और समग्र विकास में अहम योगदान देगा।
जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के निदेशक मुहम्मद जुनैद ने कहा कि राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य में जल प्रबंधन हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में यह समझौता जल संसाधन प्रबंधन, भू-संरक्षण, सुरक्षित पेयजल और जल-ऊर्जा-खाद्य संबंध जैसे क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में सहायक होगा।
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ के सहयोग से पश्चिमी राजस्थान में संचालित जलग्रहण परियोजनाओं की सफलता पर आधारित बुकलेट प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राजस्थान - एनश्योरिंग वॉटर सिक्योरिटी का विमोचन भी किया गया। यह प्रकाशन जमीनी स्तर पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों को दर्शाता है और अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
मंत्री दिलावर ने इस नवाचार के लिए विभागीय टीम और संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा और आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देगा। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया-इंडिया वाटर सेंटर के निदेशक बसंत माहेश्वरी सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

