गिव अप अभियान ने प्रदेश के 99 लाख लोगों को प्रदान की खाद्य सुरक्षा : मंत्री सुमित गोदारा
बीकानेर, 14 जुलाई (हि.स.)। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गिव अप अभियान ने प्रदेश के 99 लाख वास्तविक लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह देश का दूसरा ऐसा अभियान है जिसकी प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने सराहना की है।
गोदारा ने मंगलवार को कोलायत पंचायत समिति सभागार में आयोजित लाभार्थी सम्मेलन के दौरान यह बात कही। गोदारा ने कहा कि प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 1 नवम्बर 2024 को यह अभियान शुरू किया गया। सरकार के आह्वान पर 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से इसका लाभ छोड़ा और 27 लाख ने ईकेवाईसी नहीं करवाई। इससे 99 लाख वास्तविक लाभार्थियों की इस योजना तक पहुंच हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना का लाभ स्वेच्छा से छुड़वाने के लिए गिव अप अभियान चलाया गया। जिसमें केंद्र सरकार की पहल पर 1 करोड़ 16 लाख ने स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ी। इसी तर्ज पर चलाए गए अभियान ने प्रदेश वासियों को संबल दिया है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने इसकी सराहना की है।
गोदारा ने कहा कि कोलायत के 18 हजार लोगों तक ही इसका लाभ पहुंचा है। कोई भी गरीब इसके लाभ से वंचित ना रहे, इसके लिए उन्होंने विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 26 जनवरी 2025 को एनएफएसए पोर्टल खोले जाने के बाद अब तक नए लोगों को इससे जोड़ा जा रहा है। अंतिम छोर तक बैठे वास्तविक लाभार्थी को जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने बताया कि एनएफएसए लाभार्थियों को बार-बार गेहूं लेने के लिए चक्कर ना निकालने पड़ें, इसके मद्देनजर उपभोक्ताओं को तीन माह के गेहूं एक साथ वितरित किए जा रहे हैं।
खाद्य मंत्री ने बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों को बावजूद प्रदेश में रसोई गैस सप्लाई में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी। प्रदेश में बिना ओटीपी और पास बुक में एंट्री बिना रसोई गैस सप्लाई को प्रतिबंधित किया गया, जिससे प्रतिदिन लगभग 1 लाख रसोई गैस सिलेंडर की खपत कम हुई और वितरण में पारदर्शिता आई। उन्होंने कहा कि पहली बार राशन डीलर्स का कमीशन समय पर दिया जाने लगा है। इससे राशन डीलर्स को संबल मिला है।
गोदारा ने कहा कि उनके द्वारा 'विकसित लूणकरणसर, शिक्षित लूणकारणसर' की अवधारणा के साथ कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछा है। लगभग दो दर्जन नए ट्रांसफार्मर बनाए जा रहे हैं। करोड़ों रुपये के जल सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगतिरत हैं। स्कूलों की सुविधाओं में वृद्धि की गई है। अस्पतालों की व्यवस्थाओं में आमूलचूल सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए वे सतत कार्य कर रहे हैं। श्री गोदारा ने बताया कि उनके द्वारा अप्रैल में लाभार्थी सम्मेलन प्रारम्भ किया गया। अब तक नोखा, खाजूवाला और श्रीडूंगरगढ़ में यह कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर गोदारा ने पूर्व सांसद स्व. महेंद्र सिंह भाटी द्वारा क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान के बारे में बताया तथा पूर्व प्रधान जयवीर सिंह भाटी की कोलायत सरोवर को जलीय वनस्पति से मुक्त करवाने की माँग पर विश्वास दिलाया कि भाटी को साथ रखकर वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से इस विषय पर मिलेंगे। कोलायत को जलीय वनस्पतियों से मुक्त करने के लिए आवश्यक मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें धन की किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल मुनि की तपोभूमि पश्चिमी राजस्थान के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जन-जन की श्रद्धा और भावना इससे जुड़ी है। इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर जालम सिंह भाटी, तेजा राम मेघवाल, पूर्व एएसपी जीवनराम बिश्नोई, पूर्व प्रधान जयवीर सिंह भाटी और मुरलीधर सेन ने विचार रखे। सभी ने गिव अप अभियान की सराहना की और कहा कि इससे जरूरतमंदों को वास्तविक लाभ मिला है। कार्यक्रम का संचालन खियाराम सेन ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

