हाईकोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देकर गहलोत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
जयपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बॉम्बे हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपनी पोस्ट में गहलोत ने कहा कि हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों ने भाजपा सरकार के दमनकारी और अलोकतांत्रिक चरित्र को उजागर कर दिया है।
गहलोत ने लिखा कि सरकार को इन टिप्पणियों पर केवल मनन ही नहीं, बल्कि अपने आचरण पर शर्म भी करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विरोध की आजादी उसकी आत्मा होती है, लेकिन भाजपा सरकार ने राजनीतिक विरोध और नारेबाजी को भी कार्रवाई का आधार बना दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि पिछले 12 वर्षों में ऐसा माहौल बनाया गया है, जहां सरकार की आलोचना को देशद्रोह की तरह देखा जाता है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने वाले पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा जाता है।
गहलोत ने अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय भाजपा भी सरकार के खिलाफ आक्रामक विरोध करती थी, जिसे कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानती थी। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व करने वालों में आलोचना सुनने की सहनशक्ति होनी चाहिए। साथ ही पुलिस और जांच एजेंसियों को याद रखना चाहिए कि उनकी जवाबदेही किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं, बल्कि केवल संविधान के प्रति है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

