पेट्रोल-डीजल संकट पर गहलोत का हमला: बोले, तमाशा बंद करे सरकार, जनता लाइन में परेशान

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पेट्रोल-डीजल संकट पर गहलोत का हमला: बोले, तमाशा बंद करे सरकार, जनता लाइन में परेशान


जयपुर, 26 मई (हि.स.)। देश और प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों तथा आपूर्ति व्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से मंगलवार को बातचीत में गहलोत ने कहा कि सरकार स्थिति स्पष्ट करने के बजाय “तमाशा” कर रही है, जबकि आम जनता महंगाई, लंबी कतारों और ईंधन संकट से परेशान है।

गहलोत ने कहा कि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि सरकार देशवासियों को वास्तविक स्थिति बताए। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दाम बढ़ रहे हैं या सप्लाई प्रभावित है तो सरकार को खुलकर जनता के सामने अपनी मजबूरी रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी क्या मांग कर रहे हैं? यही कि देश को सच बताया जाए। अगर कोई मजबूरी है तो साफ कहिए। जनता समझदार है, वह परिस्थिति को समझेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी शासित राज्यों के मंत्रियों और नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद बीजेपी नेताओं ने रिक्शा, पैदल और इलेक्ट्रिक वाहनों में घूमकर केवल दिखावा किया।

गहलोत ने कहा कि तमाशे से जनता को संदेश नहीं जाता। जब नेता खुद त्याग करते हैं तभी लोग भरोसा करते हैं। यहां तो सिर्फ फोटो और दिखावे की राजनीति हो रही है। गहलोत ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों में अनिश्चितता और डर का माहौल है।

उन्होंने कहा कि लोग इस चिंता में हैं कि अगले दिन फिर कीमतें बढ़ जाएंगी। यही वजह है कि कई जगह पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।

गहलोत ने आम लोगों की परेशानी का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबी दूरी तय करने वालों को रास्ते में कई बार पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोटा, जयपुर, जोधपुर या भरतपुर से आने-जाने वाले लोग बताते हैं कि एक हजार रुपये का पेट्रोल भी पूरा नहीं पड़ता। उन्हें तीन-तीन बार रुककर पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है।

गहलोत ने राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत सरकार के नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति स्वीकार करने के बजाय उसे नकारने में लगी है। उन्होंने कहा कि झूठ बोलो, बार-बार बोलो और कह दो कि कुछ हो ही नहीं रहा। जबकि हकीकत यह है कि जनता परेशान है, पेट्रोल-डीजल की दिक्कत हो रही है और लाइनें लग रही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों से एलपीजी सिलेंडर की कमी की लगातार शिकायतें आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि कई गांवों में 10 से 15 दिन तक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे। उन्होंने लोहावट और ओसियां सहित कई क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि एलपीजी एजेंसी संचालक खुद तनाव में हैं क्योंकि उनके पास जनता को जवाब देने के लिए कुछ नहीं है।

गहलोत ने कहा कि यदि केंद्र सरकार समय रहते स्थिति स्पष्ट कर देती तो जनता में भ्रम और गुस्सा कम होता। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल पंप मालिक और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर जनता के आक्रोश का सामना कर रहे हैं, जबकि असली जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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