गौ माता राष्ट्र माता बने के संकल्प के साथ भीलवाड़ा में उमड़ा जनसैलाब, निकली भव्य प्रार्थना रैली
भीलवाड़ा, 27 जुलाई (हि.स.)।
गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को भीलवाड़ा में श्रद्धा, आस्था और जनसमर्थन का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। हरि सेवा वाटिका में आयोजित गौ सम्मान आह्वान कार्यक्रम में जिलेभर से गौभक्तों, संत-महंतों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों का आगमन हुआ। पूरे परिसर में गौ माता के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार, देशभक्ति गीतों और रामनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वरम्म त्रिपाठी एवं उनकी मंडली द्वारा वाद्ययंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के साथ श्री राम जय राम, जय जय राम विजय मंत्र के सामूहिक संकीर्तन से हुई। इसके पश्चात गौ-गान के साथ औपचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
जिला प्रचारक संत श्रीलाल महाराज ने स्वागत उद्बोधन देते हुए गौ सेवा को भारतीय संस्कृति का आधार बताया। वहीं जिला समन्वयक एवं परम गौभक्त सुनील जागेटिया ने गौ सम्मान आव्हान की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भीलवाड़ा विधायक एवं गौभक्त अशोक कुमार कोठारी ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन परंपरा की आत्मा हैं। उन्होंने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री स्वयं गौभक्त हैं और गौभक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज, महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज, जैन संत उपप्रवर्तक सुरेश मुनि महाराज, पावन धाम कोशीथल, महंत संतदास महाराज (हाथीभाटा), महंत मोहन शरण शास्त्री (निंबार्क आश्रम) तथा मालासेरी डूंगरी के पुजारी हेमराज पोसवाल सहित अनेक संत-महात्माओं ने गौ सेवा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गौ संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने भी गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से आगे आने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल टाक ने किया।
इस अवसर पर जैन मुनि अरविंद, महंत बनवारी शरण काठिया बाबा, बाबा धाम गुरुजी विनीत अग्रवाल, पंचमुखी दरबार रीको एरिया के पुजारी मुरारी पांडे, संत मायाराम, गोविंदराम, केशवराम, रामानंद दास महाराज (आसींद), पुजारी माधु सालवी सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के समर्थन में एकत्रित हजारों हस्ताक्षर पत्रों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इन हस्ताक्षर पत्रों को लाल वस्त्र में लपेटकर मयूर पंख से सजाया गया। संत-महंतों, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर धारण किया और रामनाम संकीर्तन के साथ भव्य प्रार्थना रैली का शुभारंभ किया।
विशेष बात यह रही कि गौ सम्मान आव्हान के समर्थन में जिले से दो पदयात्राएं भी हरि सेवा वाटिका पहुंचीं। पहली पदयात्रा महंत सरजू दास महाराज के सान्निध्य में करेड़ा से तथा दूसरी देवनारायण गौशाला, गलवा से भंवरलाल खारोल के नेतृत्व में पहुंची। दोनों पदयात्राओं का गौभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ स्वागत किया।
हरि सेवा वाटिका से निकली विशाल प्रार्थना रैली श्रद्धा, अनुशासन और सांस्कृतिक वैभव का अनुपम उदाहरण बनी। रैली में सबसे आगे मशक बैंड, उसके पीछे एनसीसी एवं स्काउट कैडेट्स, दुर्गा अखाड़ा की बहनें, विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक वेशभूषा में सजे बालक-बालिकाएं, राजस्थानी संस्कृति का प्रतीक सुसज्जित बैलगाड़ियां, इस्कॉन मंदिर की श्री हरि चेतन दास जी के मार्गदर्शन में कीर्तन मंडली तथा शंभू जी वैष्णव की भजन मंडली भक्ति संगीत प्रस्तुत करते हुए चल रही थीं। पूरे मार्ग में गौ माता के जयघोष और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रैली के समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम संबोधित हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने तथा गौवंश संरक्षण के लिए ठोस नीति लागू करने की मांग की गई।
कार्यक्रम के अंत में गौ सम्मान आव्हान के संभाग प्रभारी नंदकिशोर साहू ने सभी संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों, गौभक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। वहीं जिला प्रभारी जगदीश तेली ने गौभक्तों की विशाल भागीदारी को गौ सेवा के प्रति समाज की गहरी आस्था का प्रतीक बताते हुए सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद

