गर्भ संस्कार भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर: कुलपति
जोधपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र विभाग, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एवं संवर्धिनी न्यास नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में गर्भसंस्कार सेमी-ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत तीन दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। इस कोर्स के अंतर्गत पूर्व में 12 दिवसीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 20 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल ने अपने उद्बोधन में बताया कि गर्भसंस्कार भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसका उद्देश्य केवल स्वस्थ शिशु का जन्म ही नहीं, बल्कि संस्कारवान, बुद्धिमान एवं सशक्त भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान माता के आहार, विहार, विचार एवं व्यवहार का प्रत्यक्ष प्रभाव गर्भस्थ शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पर पड़ता है, इसलिए गर्भसंस्कार की अवधारणा आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो गई है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाराणसी के प्रोफेसर एलबी सिंह ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धांतों एवं आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कुलसचिव प्रोफेसर गोविन्द प्रसाद गुप्ता ने अपने उद्बोधन में बताया कि गर्भसंस्कार वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं भारतीय परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को समग्र रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए. नीलिमा ने स्वागत उद्बोधन एवं कोर्स का परिचय प्रस्तुत किया।
संवर्धिनी न्यास, नई दिल्ली की ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी माधुरी सदाशिव मराठे ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली एवं बढ़ते मानसिक तनाव के बीच गर्भसंस्कार स्वस्थ एवं संस्कारित समाज निर्माण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उद्घाटन सत्र का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशा केपी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रो. चंदन सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।
ऑफलाइन प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में संवर्धिनी न्यास की काउंसलर डॉ. श्वेता डांगरे ने स्ट्रेस मैनेजमेंट, क्वांटम मैकेनिक्स इन प्रेगनेंसी तथा ई एफ टी के सिद्धांत एवं व्यावहारिक प्रदर्शन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी प्रो दिनेश शर्मा, आईटी प्रभारी प्रो हरीश सिंघल, मानव संसाधन विकास केंद्र के निदेशक डॉ राकेश शर्मा, डॉ विजयपाल त्यागी, प्रो राजवीर सिंह, प्रो यशस्वी, डॉ राजीव सोनी, कोर्स को कोऑर्डिनेटर डॉ. हेमंत कुमार मेनारिया, डॉ. सविता विश्नोई, विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी तथा स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

