आरएलपी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजपाल चौधरी सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल

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आरएलपी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजपाल चौधरी सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल


जयपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजपाल चौधरी गुरुवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस वार रूम में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। राजपाल चौधरी इससे पहले वर्ष 2015 से 2017 तक जयपुर के निर्वाचित एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राजपाल चौधरी के कांग्रेस में शामिल होने को उनकी घर वापसी बताया। उन्होंने कहा कि राजपाल चौधरी पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे।

डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के गठन को ढाई वर्ष से अधिक समय हो चुका है और मुख्यमंत्री लगातार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में अब सरकार को अपने कार्यकाल से जुड़े आरोपों पर भी जवाब देना चाहिए।

डोटासरा ने एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अधिकारी करीब दो वर्ष तक भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में रहा और मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। उनके अनुसार, अधिकारी के कई निर्णय मुख्यमंत्री के निर्णय माने जाते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस कंपनी को लाभ पहुंचाने का निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति ने किया, उससे जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं और जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है।

डोटासरा ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संस्थाएं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस मामले की जांच इन एजेंसियों से क्यों नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन संस्थाओं का इस्तेमाल केवल विपक्षी दलों और कांग्रेस नेताओं को डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है।

डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को आरोपों की जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और बताना चाहिए कि क्या इस मामले की जांच संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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