सिलिकोसिस को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने साधा सरकार पर निशाना

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सिलिकोसिस को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने साधा सरकार पर निशाना


सिलिकोसिस को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने साधा सरकार पर निशाना


जयपुर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान में सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राज्य की वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस एक लाइलाज और घातक बीमारी है, जिससे प्रदेश के हजारों गरीब खदान और निर्माण मजदूर प्रभावित हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही।

गहलोत ने अपने कार्यकाल के दौरान उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए लिखा कि वर्ष 2013 में उनकी सरकार ने सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए चार लाख रुपये की सहायता राशि की शुरुआत की थी। इसके बाद 2019 में देश की पहली ‘सिलिकोसिस पॉलिसी’ लागू की गई। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत पांच लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया था, जिसमें तीन लाख रुपये बीमारी के दौरान और दो लाख रुपये मृत्यु की स्थिति में दिए जाते हैं। साथ ही निशुल्क इलाज और 1500 रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था भी की गई थी।

गहलोत के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच करीब 35 हजार मरीजों को 911 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि आज सिलिकोसिस पीड़ितों के नए कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। कई कार्ड बिना कारण ब्लॉक कर दिए गए हैं, जिससे मजदूरों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही और वे आर्थिक संकट में हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी पॉलिसी का लाभ नहीं मिल रहा है। गहलोत ने सरकार से विशेष अभियान चलाकर लंबित कार्ड जारी करने और ब्लॉक कार्डों को बहाल करने की मांग की। उन्हाेंने कहा कि पिछले छह वर्षों से सहायता राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सहायता राशि को तत्काल बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने उद्योगों पर सख्ती बरतने की भी मांग की, ताकि सिलिकोसिस का प्रसार रोका जा सके। गहलोत ने कहा कि मजदूरों के हक से समझौता नहीं होना चाहिए और सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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