एम्स जोधपुर के पंचम दीक्षांत समारोह में 1,189 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 25 मेधावियों का हुआ सम्मान

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एम्स जोधपुर के पंचम दीक्षांत समारोह में 1,189 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 25 मेधावियों का हुआ सम्मान


एम्स जोधपुर के पंचम दीक्षांत समारोह में 1,189 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 25 मेधावियों का हुआ सम्मान


जोधपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर के पंचम दीक्षांत समारोह का आयोजन रविवार को गरिमामय माहौल में हुआ। समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए नवस्नातक चिकित्सकों से करुणा, सत्यनिष्ठा और सेवा-भाव के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह के दौरान एमबीबीएस, बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग, एमएससी, एमडी, एमएस, एमडीएस, डीएम, एमसीएच, पीएचडी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के 1,189 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 25 मेधावी विद्यार्थियों को संस्थान पदक देकर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का मिशन है।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे आजीवन सीखने की भावना बनाए रखें, प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बनाएं। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक का व्यवहार मरीज के जीवन में सबसे अधिक प्रभाव छोड़ता है।

समारोह में लोकसभा सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि चिकित्सा की उपाधि केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का संकल्प है।

वहीं एम्स जोधपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तेजस एम. पटेल ने नवस्नातक विद्यार्थियों से तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

एम्स जोधपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2012 में स्थापित एम्स जोधपुर आज देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो चुका है। संस्थान में करीब 45 विभाग एवं केंद्र, 221 संकाय सदस्य, 3,000 से अधिक कर्मचारी और 1,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रतिवर्ष लगभग 500 स्वास्थ्य पेशेवर यहां से राष्ट्र सेवा के लिए तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एम्स जोधपुर देश के शीर्ष 10 चिकित्सा संस्थानों में स्थान बना चुका है तथा द्वितीय पीढ़ी के एम्स संस्थानों में प्रथम स्थान पर है।

पंचम दीक्षांत समारोह के साथ एम्स जोधपुर ने स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता की अपनी यात्रा का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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