मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध, कालाबाजारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

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मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध, कालाबाजारियों पर होगी सख्त कार्रवाई


जयपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध कराया है और अच्छी बारिश के बावजूद बढ़ी हुई मांग के बीच भी खाद की कमी नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक घनश्याम के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि लंबे मानसून और अतिरिक्त बुवाई के कारण खाद की मांग बढ़ी, लेकिन सरकार के बेहतर प्रबंधन से पिछली सरकार जैसी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। कहीं-कहीं कतारें जरूर लगीं, परंतु वास्तविक कमी नहीं रही।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में यूरिया की मांग 26.20 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि 29.29 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। डीएपी की 8.50 लाख मीट्रिक टन मांग के मुकाबले 7.80 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ।

इसके अलावा 5.57 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 2.72 लाख मीट्रिक टन एनपीके भी उपलब्ध कराए गए।

वर्ष 2025-26 में 25.52 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग के विरुद्ध 29.06 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। 8.43 लाख मीट्रिक टन डीएपी की मांग के मुकाबले 8.45 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ। फरवरी और मार्च के लिए अतिरिक्त 1 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि खाद वितरण केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई और गुणवत्ता नियंत्रण के तहत सख्त कार्रवाई की गई। वर्तमान शासन में 107 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि पिछली सरकार में यह संख्या 20 थी। निरीक्षण के दौरान 11,938 लाइसेंसों में से 765 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। 169 लाइसेंस निलंबित और 46 निरस्त किए गए। 46 प्रकरणों में से 28 में गिरफ्तारी हुई, 16 मामलों में अदालत में चालान पेश किया गया तथा 21 मामलों में आरोपियों ने अग्रिम जमानत ली।

उन्होंने बताया कि सीड और फर्टिलाइजर मामलों में 27 फैक्ट्रियों पर ताले लगाए गए। बीज प्रकरण में पूर्व सरकार के कार्यकाल में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार में 5 दर्ज की गईं। बीज लाइसेंस निरस्तीकरण के 8 मामले हुए हैं। फर्टिलाइजर में 31 और कीटनाशक में 7 मामलों में कार्रवाई की गई है।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सीड और फर्टिलाइजर की गुणवत्ता एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाने जा रही है, जिसमें दोषियों के लिए 20 वर्ष तक की सजा और 20 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा।

लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरक की मांग समय पर भारत सरकार को भेजी गई। डीएपी के विकल्प के रूप में 2.61 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 4.73 लाख मीट्रिक टन एसएसपी भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर जारी है और किसानों को किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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