यमुना का पानी ले आओ, मुख्यमंत्री के घर जाकर माला पहनाउंगा: गहलोत

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यमुना का पानी ले आओ, मुख्यमंत्री के घर जाकर माला पहनाउंगा: गहलोत


जोधपुर, 24 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार को चैलेंज करते हुए कहा है सरकार यमुना का पानी नीम का थाना में ले आई, तो मैं सबसे पहले सीएम आवास पर जाकर उनको माला पहनाउंगा। मीटिंगों से कुछ नहीं होगा, पानी आना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बात की। उन्होंने सर्किट हाउस में जनुसनवाई भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने यमुना प्रोजेक्ट का स्वागत किया था। अब भी कायम हूं। पानी लाने का सपना पूरा कर दो, घर जाकर माला पहनाउंगा। दिल्ली-चंडीगढ़ की मीटिंगों से कुछ नहीं होगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा एमपी-एमएलए को घोड़े, गधे कहने पर आपत्ति जताने के बयान पर गहलोत ने कहा कि मैंने उनको यह नहीं कहा है। उन जनप्रतिनिधियों के लिए घोड़े, गधे, भैंस बकरी कहा है जो बिक रहे हैं। पचास-पचास करोड़ में बिक रहे हैं। जनता उनको चुन कर भेजती है और वे करोड़ों में बिक रहे हैं। उनको पूजा नहीं जा सकता। मदन राठौड़ अपने सीनियर नेताओं को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रदेश में मंत्रिमंडल में बदलाव से जुड़ी खबरोंं पर पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि मंत्रिमंडल में बदलाव सीएम का काम है, लेकिन मैं तो चाहता हूं कि भजनलाल शर्मा ही सीएम बने रहें। बार-बार खबरें आ रही हैं कि उनको बदला जा रहा है। भले आदमी हैं। वे बहुत व्यहार कुशल हैं। लोगोंं को सम्मान से बात करते हैं। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री का पद शोभा देता है, वे हमें सूट करते हैं।

संघ का एजेंडा चल रहा

प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों की नियुक्ति पर गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी इसको लेकर बार-बार कह रहे हैं कि आरएसएस अपना एजेंडा चला रहा है। पूरे देश में शिक्षण संस्थाओं को लेकर आरएसएस और बीजेपी का एजेंडा है। अपनी विचारधारा जो कि लोकतंत्र व संविधान के खिलाफ है, डेमोक्रेसी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसे लोगों की भर्तियां कर रहे हैं, बहुत खतरनाक स्थिति है। सरकार व गर्वनर इनके हैं। इसलिए नियुक्तियां हो रही हैं। हमारी मजबूरी है, देश को बहुत नुकसान हो रहा है।

कागजों में चल रही योजना

गहलोत ने मीडिया के सामने आए व्यक्ति से पूछा कि गांवों में चिरंजीवी योजना के क्या हाल हैं। इसके बाद मीडिया को बताया कि पूरे देश में एक मात्र योजना थी जिसमें 25 लाख तक का इलाज मुफ्त था, लेकिन अब यह योजना कागजों में चल रही है। लोग शिकायत करते हैं कि अस्पताल वाले पैसे मांग रहे हैं। सरकार उनको भुगतान नहीं कर रही है। उनकी गलती नहीं है। जनता से वसूल कर रहे हैं। अस्पतालों में दवाइयां नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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