विश्व ऊंट दिवस पर चित्तौड़गढ़ में गूंजा संरक्षण का संकल्प, रेबारी समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा

WhatsApp Channel Join Now
विश्व ऊंट दिवस पर चित्तौड़गढ़ में गूंजा संरक्षण का संकल्प, रेबारी समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा


चित्तौड़गढ़, 22 जून (हि.स.)। विश्व ऊंट दिवस के अवसर पर सोमवार को रेबारी समाज ने वीर हड़मलजी रायका गौरव दिवस के रूप में मनाते हुए शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली और सांवरिया विश्रांति गृह में समारोह आयोजित किया। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि राष्ट्रीय पशु ऊंट की घटती आबादी चिंताजनक है, इसके संरक्षण को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

जानकारी के अनुसार सोमवार को शहर में महाराणा प्रताप सेतु मार्ग स्थित खरड़िया महादेव से शोभायात्रा रवाना हुई। बैंड-बाजों की धुन पर सजे-संवरे ऊंट, ऊंट गाड़ी और पारंपरिक वेशभूषा में समाजजन शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चलीं। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ। कलेक्ट्री चौराहा, सुभाष चौक होते हुए किला रोड स्थित शेषावतार कल्लाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की गई।

समारोह में मुख्य अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट का मानव जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। इसके ऐतिहासिक महत्व को उजागर करने के लिए ही 22 जून को विश्व ऊंट दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रेबारी समाज वर्षों से ऊंट संरक्षण का बीड़ा उठाए हुए है और धन्यवाद का पात्र है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक रायका ने कहा कि ऊंट राज्य पशु है और रेबारी समाज का प्राचीन काल से जुड़ाव रहा है। कम आमदनी के कारण लोग ऊंट पालन से विमुख हो रहे हैं। सरकार को ऊंटनी के दूध की डेयरी खोलनी चाहिए और इसके उत्पाद बनाने चाहिए, तभी आर्थिक स्तर सुधरेगा और संरक्षण हो सकेगा। हड़मल संरक्षण समिति के जिला संयोजक राजाराम रायका ने बताया कि इस दिवस की शुरुआत 4 साल पहले जोधपुर से हुई थी। पाली, सिरोही के बाद आज चित्तौड़गढ़ में बड़े स्तर पर मनाया गया। अलवर में भी प्रतिवर्ष आयोजन होता है। समारोह में मुख्य वक्ता लक्ष्मणनाथ महाराज जेतारण व प्रेमनाथ महाराज डेरावल रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्रीलाल रायका ने की। समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में झालाराम रायका, हीरालाल रायका, प्राचार्य मिठुलाल रेबारी, डॉ. सुखराम रायका सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। संचालन पृथ्वीराज रेबारी ने किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

Share this story