कोटा-रोलखुर्द खंड में वंदे भारत आधारित सुपरफास्ट पार्सल ट्रेन का 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विद्युत परीक्षण
काेटा, 14 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के तकनीकी परीक्षण जारी हैं। इसी क्रम में कोटा से रोलखुर्द खंड के बीच इस विशेष रेक का एक ट्रायल रन किया गया। इस दौरान रेक को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की परीक्षण गति से चलाकर विद्युत एवं प्रणोदन प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण परीक्षण किए गए।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि ट्रायल में मुख्य रूप से रीजनरेटिव एनर्जी, थर्मल क्षमता, ट्रैक्शन एवं ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता तथा लोड कंडीशन में जर्क टेस्ट किए गए। रीजनरेटिव एनर्जी परीक्षण के तहत ब्रेकिंग के दौरान विद्युत ऊर्जा की पुनर्प्राप्ति से संबंधित प्रणाली की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जबकि थर्मल क्षमता परीक्षण में उच्च गति पर विद्युत एवं प्रणोदन प्रणाली की तापीय क्षमता और प्रदर्शन का आकलन किया गया। ट्रैक्शन एवं ब्रेकिंग परीक्षण के माध्यम से रेक की खींचने तथा ब्रेक लगाने की क्षमता और संबंधित प्रणालियों के समन्वय का मूल्यांकन किया गया। वहीं, लोड कंडीशन में जर्क टेस्ट के माध्यम से रेक के त्वरण एवं मंदन के दौरान यात्रियों/लोड पर पड़ने वाले झटके तथा संचालन की सुगमता का आकलन किया गया।
ट्रायल के दौरान कोटा मंडल की ओर से मुख्य लोको निरीक्षक वाई.के. शर्मा, लोको पायलट हरनाम सिंह, सहायक लोको पायलट निशेष सिंह तथा ट्रेन मैनेजर मुस्ताक अली ने रेक के संचालन में अपनी भूमिका निभाई।
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की ओर से सहायक अनुसंधान अभियंता (एआरई) शशिकांत यादव तथा एकीकृत कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई की ओर से सहायक मंडल अभियंता (एडीई) सुधांशु कुमार ट्रायल टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा नॉर-ब्रेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा मेधा की विशेषज्ञ टीमें भी परीक्षण में शामिल रहीं।
वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर आधारित यह 16 कोच की फ्रेट ईएमयू तेज गति से पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स परिवहन के लिए विकसित की गई है। रेक में आधुनिक प्रणोदन एवं ब्रेकिंग प्रणाली के साथ पार्सल लोडिंग को सुगम बनाने के लिए विशेष रोलर फ्लोर सिस्टम, स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे, रेफर यानी तापमान नियंत्रित सुविधा, सीसीटीवी निगरानी और अग्नि पहचान प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कोटा मंडल में किए जा रहे इन तकनीकी परीक्षणों का उद्देश्य रेक की विभिन्न प्रणालियों की उच्च गति पर कार्यक्षमता, विश्वसनीयता और प्रदर्शन का विस्तृत आकलन करना है। परीक्षणों के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद यह रेक भारतीय रेलवे में तेज, सुरक्षित और समयबद्ध पार्सल एवं लॉजिस्टिक्स परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

