स्वच्छता की जंग में जुटे 2500 से अधिक कर्मचारी, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने स्कूटी पर किया रातभर निरीक्षण

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स्वच्छता की जंग में जुटे 2500 से अधिक कर्मचारी, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने स्कूटी पर किया रातभर निरीक्षण


स्वच्छता की जंग में जुटे 2500 से अधिक कर्मचारी, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने स्कूटी पर किया रातभर निरीक्षण


स्वच्छता की जंग में जुटे 2500 से अधिक कर्मचारी, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने स्कूटी पर किया रातभर निरीक्षण


स्वच्छता की जंग में जुटे 2500 से अधिक कर्मचारी, कलेक्टर और निगम आयुक्त ने स्कूटी पर किया रातभर निरीक्षण


गुलाबी नगरी को चमकाने रातभर सड़कों पर रहा प्रशासन

जयपुर, 10 मई (हि.स.)। गुलाबी नगरी जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम और जिला प्रशासन ने शनिवार—रविवार की मध्यरात्रि ऐतिहासिक रात्रिकालीन सफाई अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ चला। रात करीब 11:30 बजे शुरू हुआ यह अभियान रविवार अलसुबह तक जारी रहा। जिसमें 2 हजार 500 से अधिक सफाईकर्मी, अधिकारी और निगम कर्मचारी परकोटा एवं हेरिटेज क्षेत्र की गलियों, बाजारों और प्रमुख सड़कों की सफाई में जुटे रहे।

इस अभियान की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब जयपुर कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद स्कूटी पर सवार होकर परकोटे की तंग गलियों और बाजारों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए। दोनों अधिकारियों ने हेलमेट पहनकर रातभर विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और मौके पर कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। आयुक्त ओम कसेरा ने स्वयं कचरा उठाकर सफाई कार्य में भागीदारी निभाई, वहीं दोनों अधिकारियों ने सफाईकर्मियों को मिठाई खिलाकर उनका हौसला बढ़ाया।

नगर निगम की अब तक की सबसे बड़ी रात्रिकालीन सफाई मुहिम के तहत शहर को 36 बीट्स में बांटा गया था। प्रत्येक बीट में अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई। सफाई कार्य के लिए झाड़ू, हूपर, डंपर, हाथगाड़ी, फावड़ा, टॉर्च, गमबूट और विशेष नाइट जैकेट सहित जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए।

कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि अब तक रात्रि सफाई मुख्य सड़कों तक सीमित थी, लेकिन पहली बार परकोटे की अंदरूनी गलियों और बाजारों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सूरत शहर के स्वच्छता मॉडल का अध्ययन किया गया है और अब उसी तर्ज पर जयपुर में नाइट स्वीपिंग और बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए प्रशासन का लक्ष्य जयपुर को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में शामिल करना है। इसके लिए नागरिक सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन पर विशेष फोकस किया जाएगा, ताकि लोग घर से ही कचरे का पृथक्करण करें और सड़क पर कचरा फेंकने से बचें।

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि दिन में भारी ट्रैफिक और भीड़ के कारण कई क्षेत्रों में प्रभावी सफाई संभव नहीं हो पाती, इसलिए रात में विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि शहर को साफ रखना केवल निगम की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि कचरा संग्रहण वाहन समय पर नहीं पहुंचे तो लोग सड़क पर कचरा फेंकने के बजाय अगले दिन तक इंतजार करें।

आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता मैराथन, ‘रंग दे गुलाबी’ और अब ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ जैसे अभियानों के जरिए नगर निगम शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ उद्धृत करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य ईमानदारी से अपना कार्य करना है, परिणाम अपने आप बेहतर होंगे।

इस अभियान के दौरान कई स्थानों पर कचरे के ढेर और कचरा पृथक्करण में कमियां भी सामने आईं, जिस पर अधिकारियों ने मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए। निगम प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में ऐसे रात्रिकालीन अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि जयपुर स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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