शिक्षा और शोध समाज निर्माण के सबसे मजबूत आधार : केंद्रीय मंत्री शेखावत

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शिक्षा और शोध समाज निर्माण के सबसे मजबूत आधार : केंद्रीय मंत्री शेखावत


बीकानेर, 19 जनवरी (हि.स.)। बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज में साेमवार से कैंसर अनुसंधान और विकिरण जीवविज्ञान के अग्रणी क्षेत्र विषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आगाज हुआ। महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय शैक्षिक महाकुंभ के तहत केंद्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने वर्चुअल जुड़ते हुए कहा कि शिक्षा और शोध समाज निर्माण के सबसे मजबूत आधार है। कैंसर हमारे समय की सबसे बड़ी समस्याओं में अग्रणी है। अतः इस तरह के आयोजन हमारा सामाजिक दायित्व है। राजकीय डूंगर कॉलेज और सहयोगी संस्थान अपने कर्तव्यों का भली भांति पालन कर रहे हैं। आने वाले समय में इन आयोजनों से समाज को इस तरह की समस्याओं से निपटने की दिशा मिलेगी।

प्रताप सभागार में हुई कांफ्रेंस में देश विदेश के विकिरण वैज्ञानिक, कैंसर विशेषज्ञ के साथ-साथ रेडियोथेरेपिस्ट और युवा शोधार्थी भारी संख्या में जुड़े हैं।आयोजन में 200 से अधिक पंजीकरण हुए हैं।कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, कुलपति महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय, बीकानेर मनोज दीक्षित, पुष्पेंद्र सिंह शेखावत, सहायक निदेशक कॉलेज शिक्षा, डॉ नीति शर्मा, निदेशक, आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च केंद्र, बीकानेर के साथ प्राणिशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ प्रताप सिंह सहित देश विदेश से आए विशिष्ट व्यक्तित्वों का मंच पर राजस्थानी परंपरा से स्वागत एवं सम्मान किया गया।

इस अवसर पर इस आयोजन की संयोजक डॉ अर्चना पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया और दो दिन के कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। प्राचार्य प्रो राजेंद्र पुरोहित ने कांफ्रेंस काे नगर सहित प्रदेश की उपलब्धि बताया और विश्वास जताया कि इस आयोजन से आने वाले परिणामों से इस भयानक रोग से सामना करने हमारी शक्ति में इजाफा होगा।

इस दो दिवसीय कान्फ्रेस के निदेशक प्राे. कैलाश स्वामी ने बताया कि आज कांफ्रेंस में तीन तकनीकी सत्र हुए। जिसमें डॉ अरुण चौगले, श्रीलंका से आये डॉ जयसिंघम, जेयासुगीथथान एवं लुधियाना के डॉ मेरी जोन, कनाडा के डॉ राज नारनावारे ने विकिरण के स्वास्थ्य पर पद रहे प्रभावो पर प्रकाश डाला। सत्र की अध्यक्षता डॉ कमलेश मुंबरेकर, डॉ एम डी शर्मा के साथ उप्पल घोष ने की। इसी क्रम में शोधार्थियों ने विषय केंद्रित अपने अपने पोस्टर के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हुए शोध नवाचारों प्रदर्शन किया। व्योम केंद्र में आयोजित हुए तृतीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ मेहुल देव, डॉ विशाख केड़लियाउर डॉ प्रताप सिंह ने की।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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