राजस्थान में बढ़ा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का ग्राफ: एक माह में 6,103 निवेश आवेदनों को मिली मंजूरी

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राजस्थान में बढ़ा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का ग्राफ: एक माह में 6,103 निवेश आवेदनों को मिली मंजूरी


जयपुर, 30 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहन देने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। ‘डी-रेग्यूलेशन फेज-1’ के तहत प्रदेश में निवेश प्रक्रियाओं के सरलीकरण और समयबद्ध स्वीकृतियों से राजस्थान निवेशकों के लिए तेजी से पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।

मुख्य सचिव कार्यालय के अधीन गठित ‘डिरेगुलेशन सेल’ द्वारा जारी अप्रैल की मासिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार राज निवेश पोर्टल पर प्राप्त 9 हजार 10 आवेदनों में से 6 हजार 103 आवेदनों को स्वीकृति दी गई। इस प्रकार प्रदेश की कुल स्वीकृति दर 67.7 प्रतिशत रही है। रिपोर्ट के अनुसार राजधानी जयपुर का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा, जहां सबसे अधिक 1 हजार 351 आवेदनों को मंजूरी दी गई।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, आवेदनों के त्वरित निस्तारण और उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘इंवेस्टर फ्रेंडली एप्रोच’ और विकेंद्रीकृत क्रियान्वयन के कारण छोटे जिलों में भी निवेश प्रस्तावों के निस्तारण में तेजी आई है।

उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव कार्यालय के अंतर्गत गठित डिरेगुलेशन सेल द्वारा प्रत्येक माह निवेश प्रस्तावों की समीक्षा कर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिससे विभागीय जवाबदेही और कार्यक्षमता दोनों में सुधार हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में जयपुर जिले में सबसे अधिक 1 हजार 932 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1 हजार 351 को मंजूरी दी गई। इसके अलावा जोधपुर, सीकर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, हनुमानगढ़, अलवर, चूरू और भीलवाड़ा जैसे औद्योगिक और शहरी जिलों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

स्वीकृति दर के मामले में कोटा और हनुमानगढ़ ने विशेष उपलब्धि हासिल की। कोटा में 83.8 प्रतिशत और हनुमानगढ़ में 82.5 प्रतिशत आवेदनों को मंजूरी मिली। वहीं बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, उदयपुर और जालोर जिलों में भी 70 प्रतिशत से अधिक स्वीकृति दर रही।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि राजस्थान में पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नए और उभरते सेक्टर्स में भी निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। अप्रैल माह में आयुष, एग्रो-प्रोसेसिंग, रक्षा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विभिन्न जिलों से निवेश आवेदन प्राप्त हुए।

सेक्टरवार विश्लेषण में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

जयपुर, उदयपुर, पाली, राजसमंद और सीकर सहित कई जिलों में होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन आधारित परियोजनाओं में निवेश रुचि देखने को मिली। इसके अलावा अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में इंजीनियरिंग सेक्टर, विभिन्न जिलों में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, अजमेर और भीलवाड़ा में वेस्ट मैनेजमेंट तथा जोधपुर में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश प्रस्तावों ने भी गति पकड़ी है।

राज्य सरकार का मानना है कि ‘डी-रेग्यूलेशन फेज-1’ के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को बेहतर माहौल प्रदान कर राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी निवेश राज्य बनाया जा सकता है।

प्रक्रियाओं की पारदर्शिता, ऑनलाइन स्वीकृति व्यवस्था और त्वरित निर्णय प्रणाली से उद्योग जगत का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

सरकार अब निवेश स्वीकृति की प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि प्रदेश में रोजगार, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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