वंदे भारत ट्रेनों से जोधपुर मंडल की बढ़ी कमाई
जोधपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मंडल की दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में विभिन्न विज्ञापन अधिकारों की पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से सफलतापूर्वक निविदा प्रदान की गई है। इन विज्ञापन अनुबंधों से जोधपुर मंडल को प्रतिवर्ष 87.25 लाख तथा तीन वर्षों में कुल 2.62 करोड़ का अतिरिक्त गैर-किराया राजस्व प्राप्त होगा।
जोधपुर-साबरमती-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12461/62) में फूड ट्रे एवं सीटों के हेडरेस्ट पर इंटीरियर विनाइल रैपिंग के विज्ञापन अधिकार 24 जुलाई 2026 को तीन वर्षों के लिए 23 लाख प्रतिवर्ष के लाइसेंस शुल्क पर प्रदान किए गए हैं। इसी प्रकार जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 26481/82) में एलईडी टीवी विज्ञापन अधिकार 29 जुलाई 2026 को तीन वर्षों के लिए 47.59 लाख प्रतिवर्ष के लाइसेंस शुल्क पर प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त इसी ट्रेन में प्रवेश एवं निकास द्वारों के कांच पर एकतरफा विज्ञापन स्ट्रिप्स लगाने के अधिकार 30 जुलाई 2026 को तीन वर्षों के लिए 16.66 लाख प्रतिवर्ष के लाइसेंस शुल्क पर आवंटित किए गए हैं।
इस प्रकार इन तीनों विज्ञापन अनुबंधों से मंडल को 87.25 लाख प्रतिवर्ष की आय होगी। तीन वर्षों की अवधि में यह राशि बढक़र 2.62 करोड़ हो जाएगी। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय रेलवे में गैर-किराया राजस्व के नए स्रोत विकसित करना समय की आवश्यकता है। जोधपुर मंडल उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से राजस्व सृजन के नए अवसर तलाश रहा है। इससे प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग यात्री सुविधाओं के विकास एवं रेलवे अधोसंरचना को और सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

