दुर्गाबाड़ी में धूमधाम से मनाया गया 'सिंदूर उत्सव'
जयपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। बनीपार्क स्थित दुर्गाबाड़ी में विजयादशमी के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के प्रति अगाध श्रद्धा और पारंपरिक बंगाली संस्कृति के अनुरूप सिंदूर उत्सव पूरी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पारंपरिक उत्सव में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माँ दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की।
उत्सव के दौरान महिलाओं ने सबसे पहले माँ दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर उनकी विधिवत पूजा की। इसके बाद भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण नृत्य के माध्यम से महिलाओं ने माँ दुर्गा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
बंगाली परंपरा के इस मुख्य आकर्षण यानी सिंदूर खेला के तहत महिलाओं ने एक-दूसरे के माथे और चेहरे पर सिंदूर लगाया। इस दौरान महिलाओं ने माँ से अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि और उत्तरोत्तर खुशहाली की कामना की।
बंगाली संस्कृति के अनुसार, विजयादशमी के दिन माँ दुर्गा को उनके मायके से ससुराल के लिए विदाई दी जाती है, और यह उत्सव उसी विदाई बेला में सुहागिनों द्वारा माँ के सुखमय वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के रूप में मनाया जाता है। सम्पूर्ण दुर्गाबाड़ी परिसर में भक्ति, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास का अनूठा माहौल दिखाई दिया।
जयपुर दुर्गाबाड़ी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुदीप्तो सेन ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ दुर्गा की पवित्र मिट्टी की प्रतिमा का विसर्जन आज यानी 21 अक्टूबर को पारंपरिक रीति-रिवाजों और नम आँखों के साथ किया जाएगा। इस विसर्जन के साथ ही इस वर्ष केारत शारदीय दुर्गा पूजा उत्सव का समापन हो जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु माँ दुर्गा को भावभीनी विदाई देते हुए अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना करेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

