वागड़ की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच बना डूंगरपुर पुलिस का मिशन विश्वास: एक माह में 26 हजार लोग हुए जागरूक

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वागड़ की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच बना डूंगरपुर पुलिस का मिशन विश्वास: एक माह में 26 हजार लोग हुए जागरूक


वागड़ की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच बना डूंगरपुर पुलिस का मिशन विश्वास: एक माह में 26 हजार लोग हुए जागरूक


वागड़ की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच बना डूंगरपुर पुलिस का मिशन विश्वास: एक माह में 26 हजार लोग हुए जागरूक


डूंगरपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए डूँगरपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष नवाचार मिशन विश्वास (महिला सुरक्षा संकल्प अभियान) को अब एक बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में एक जुलाई 2026 से संचालित इस अभियान के तहत महज एक महीने में लगभग 26 हजार लोगों को जागरूक किया जा चुका है, और अब इस सराहनीय पहल को यूनिसेफ का भी समर्थन प्राप्त हो गया है।

डूंगरपुर पुलिस का यह अभियान केवल सामान्य जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वागड़ क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों और प्रमुख चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अभियान के तहत स्कूलों और अन्य मंचों पर पोक्सो एक्ट, बाल यौन शोषण की रोकथाम, साइबर अपराध, सोशल मीडिया से जुड़े जोखिम, मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम, सड़क सुरक्षा तथा महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

विद्यार्थियों तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तरीकों का सहारा लिया है। विद्यालयों में पीपीटी, शैक्षिक और जागरूकता वीडियो तथा अन्य दृश्य सामग्रियों के जरिए जटिल विषयों को अत्यंत सरल और रोचक बनाया गया है। सत्रों को एकतरफा संवाद न बनाकर पूरी तरह से इंटरएक्टिव और पार्टिसिपेट्री रखा गया है, जिसमें प्रश्नोत्तरी, खुली चर्चा और परिदृश्यजन्य उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।

'मिशन विश्वास' के तहत विद्यार्थियों ने जिला पुलिस अधीक्षक के साथ सीधा संवाद किया और अपने करियर व सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनके पुलिस अधीक्षक द्वारा सउदाहरण जवाब दिए गए। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, साइबर सेल, थाना अधिकारियों और बीट अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में लगातार जाकर बच्चों को बिना भय और संकोच के सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

- अभियान के प्रमुख उद्देश्य एवं कार्य

बालिकाओं और महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना। बच्चों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटिपी/पासवर्ड सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में प्रशिक्षित करना। विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना। समुदाय, विद्यालय और पुलिस की त्रिपक्षीय सहभागिता से बाल हितैषी और सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना।

पुलिस प्रशासन की इस अनूठी पहल से न केवल विद्यार्थियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि वे समाज में एक सुरक्षित और आत्मविश्वासी नागरिक के रूप में उभर रहे हैं। आने वाले समय में भी इस अभियान को नियमित रूप से जारी रखने की योजना है ताकि बच्चों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

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