डॉक्टरों ने बचाया मरीज का पैर
जयपुर, 23 मार्च (हि.स.)। एपेक्स हॉस्पिटल के चिकित्सको ने गंभीर डायबिटिक फुट संक्रमण से संक्रमित मरीज के पैर बचाने में सफलता हासिल की है। बकौल चिकित्सक संक्रमण के ऐसे मामलों में प्रायः पैर को काटना ही है, लेकिन पूरी टीम की मेहनत से मरीज का पैर बचाया जा सका। कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स (फुट एवं एंकल व स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट) डॉ. ईश्वर मीणा के निर्देशन में तीन चरणों में सर्जरी के माध्यम से यह सर्जरी सफल हो सकी।
डॉ. ईश्वर ने बताया कि मरीज अत्यधिक अनियंत्रित मधुमेह, बदबूदार संक्रमण तथा पैरों में सड़े हुए (नेक्रोटिक) ऊतकों की गंभीर स्थिति के साथ कई स्थानों पर परामर्श ले चुका था, अधिकांश स्थानों पर पैर काटने की सलाह दी गई। अंततः मरीज एपेक्स हॉस्पिटल मालवीय नगर पहुंचा, जहां चिकित्सको ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च जोखिम के बावजूद लिम्ब सल्वेज का निर्णय लिया। संक्रमण को नियंत्रित करने और मृत ऊतकों को हटाने के लिए तीन चरणों में सर्जरी की गई। लगातार उपचार, विशेषज्ञ निगरानी और सावधानीपूर्वक फॉलो-अप के परिणामस्वरूप चार महीनों के भीतर मरीज का पैर पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सका। वर्तमान में मरीज बिना दर्द और बिना किसी विकृति के सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है। डॉ. ईश्वर मीणा ने बताया कि समय पर एक्सपर्ट चिकित्सको की राय, संक्रमण की सफाई और चरणबद्ध सर्जरी से गंभीर डायबिटिक फुट संक्रमण के मामलों में भी अम्प्यूटेशन से बचाव संभव है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

