अपनाघर में बुजुर्गों के साथ मनाई दीपावली : थिरकते कदमों ने बताया, खुशियों की कोई उम्र नहीं होती
बीकानेर, 07 नवंबर (हि.स.)। दीपावली पर जब अपने घरों में परिवार के लोग एक-दूसरे के साथ खुशियां बांट रहे थे, तब अपनाघर वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए रोटरी के सदस्य उनके बीच मौजूद थे। भजनों की धुन पर थिरकते कदम, गीत गाते बुजुर्ग, तालियों की गूंज और खिलखिलाते चेहरे इस बात का अहसास करा रहे थे कि खुशियों के लिए उम्र नहीं, अपनों का साथ जरूरी होता है। मौका था रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स एवं रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर अपराइज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘एक दिवाली, मुस्कुराहट वाली’ कार्यक्रम का। श्री जय दुर्गा मंडल के सहयोग से आयोजित इस समारोह में दीपावली की खुशियां बुजुर्गों के साथ साझा की गईं।
रोटरी क्लब रॉयल्स के सह प्रांतपाल आनंद आचार्य ने बताया कि कार्यक्रम के लिए वृद्धाश्रम परिसर को रंगोलियों और दीपमालाओं से सजाया गया। भजन-गायन और संगीत की प्रस्तुतियों के बीच माहौल ऐसा बना कि बुजुर्ग खुद को नाचने-गाने से रोक नहीं पाए। कई बुजुर्गों ने गीत गुनगुनाए तो कई संगीत की धुन पर थिरकते नजर आए। रोटरी सदस्यों ने भी उनके साथ नृत्य और गायन में भाग लेकर उत्सव को पारिवारिक मिलन का रूप दिया।
क्लब अध्यक्ष विपिन लड्ढा ने बताया कि दीपावली के अवसर पर सभी बुजुर्गों को फल और मिठाइयां वितरित की गईं। रंगोली, दीपमाला और आतिशबाजी के साथ पूरे परिसर में उत्सव का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य बुजुर्गों के साथ समय बिताना और उन्हें परिवार जैसा अपनत्व देना था।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनीष बवेजा, संयोजक शिवम शुक्ला, गीतकार राज किराडू, राज पुरोहित, रोटेरियन डॉ. पुनीत खत्री, डॉ. सीएस मोदी और डॉ. मनोज सांवल, रोटेरियन अमित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेश खत्री सहित अनेक माैजूद रहे।
कार्यक्रम में बुजुर्गों के चेहरों पर नजर आई खुशी ने आयोजन के उद्देश्य को सार्थक कर दिया। दीपावली की रोशनी तो कुछ समय बाद बुझ जाएगी, लेकिन अपनों के साथ बिताए इन पलों की याद उनके मन में लंबे समय तक बनी रहेगी। ‘एक दिवाली, मुस्कुराहट वाली’ ने यही संदेश दिया कि त्योहारों का असली अर्थ केवल अपने घर को रोशन करना नहीं, बल्कि किसी दूसरे के जीवन में भी खुशियों का दीप जलाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

