जापानी सिनेमाटोग्राफर साकुराको आबे से जयपुर में होगी ‘राधेश्याम रामायण’ पर चर्चा

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जापानी सिनेमाटोग्राफर साकुराको आबे से जयपुर में होगी ‘राधेश्याम रामायण’ पर चर्चा


जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति के सभागार में 21 सितंबर को शाम 4.30 बजे पाठक पर्व का आयोजन होगा। ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जापान के टोक्यो की कल्चरल प्रोड्यूसर एवं सिनेमाटोग्राफर साकुराको आबे भारतीय संस्कृति और जापान में भारतीय सांस्कृतिक गतिविधियों पर चर्चा करेंगी। कार्यक्रम में प्रसिद्ध बाउल गायिका पार्वती पर आबे द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी।

ग्रासरूट मीडिया फाउंडेशन के प्रमोद शर्मा ने बताया कि आबे जापान और भारत के बीच आध्यात्मिक एवं कलात्मक संबंधों को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही हैं। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके के साथ 20 से अधिक वर्षों के करियर में उन्होंने वर्ल्ड फेस्टिवल रथ यात्रा, हनी हंटर ऑफ सुंदरबन्स, फेमस पीक्स ऑफ जापान, जापान पिलग्रिमेज और बुद्धिस्ट स्कल्पचर्स ऑफ द हार्ट ऑफ जापान सहित कई डॉक्यूमेंट्री श्रृंखलाओं का निर्देशन किया है। 2025 में उन्होंने पारंपरिक और लोक परिधानों पर आधारित कार्यक्रम शो मी योर वॉर्डरोब का निर्माण किया।

आबे ने 2018 में स्वतंत्र प्रोडक्शन कंपनी सखी प्रो की स्थापना की। उन्होंने बंगाली लोक गायिका पार्वती बाउल को जापान आमंत्रित कर द पाथ : पार्वती बाउल इन जापान और पार्वती बाउल : क्रॉसिंग द गोल्डन रिवर फिल्मों का निर्माण किया। दूसरी फिल्म को कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जूरी स्पेशल अवार्ड मिला। 2024 में उन्होंने जापान के नेशनल म्यूजियम ऑफ एथनोलॉजी के लिए टू लिव एज अ पटुआ और लुकिंग फॉर लालन फकीर शैक्षिक वृत्तचित्रों का लेखन, निर्माण और निर्देशन किया।

आबे ने टोक्यो के शिमोकिताजावा में गैलरी दीपदान की स्थापना भी की है, जहां प्रदर्शनियों, फिल्म स्क्रीनिंग और संवाद के माध्यम से जापानी दर्शकों को भारत की लोक एवं पारंपरिक कलाओं से परिचित कराया जाता है। यह मंच भारत के सहयोग से पुस्तकों के प्रकाशन की दिशा में भी काम कर रहा है। पाठक पर्व की शुरुआत में प्रसिद्ध कथावाचक राधेश्याम द्वारा रचित ‘राधेश्याम रामायण’ पर वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र बोड़ा विचार व्यक्त करेंगे। बोड़ा चार दशक से अधिक समय से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पत्रकारिता से जुड़े हैं तथा ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और मानवाधिकार जैसे विषयों पर लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता में योगदान दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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