जोधपुर रेल मंडल में दिव्यांग यात्रियों को 1457 रियायत कार्ड जारी
जोधपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मंडल द्वारा दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और रेल यात्रा को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 के दौरान उल्लेखनीय कार्य किया गया है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एक जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच कुल 1457 रेलवे दिव्यांग रियायत कार्ड जारी किए गए हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि इन रियायत कार्डों के माध्यम से पात्र दिव्यांग यात्रियों को रेलवे किराये में 25 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की जाती है। नियमानुसार परिचारक के साथ यात्रा करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सहज बनती है। भारतीय रेलवे द्वारा दृष्टिहीन, मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग यात्रियों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार किराये में रियायत दी जाती है।
वर्ष 2025 से रियायत प्रमाणपत्र के प्रारूप में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। दृष्टिहीन यात्रियों के लिए पृथक प्रारूप तथा अन्य श्रेणियों के लिए अलग प्रारूप लागू किया गया है। विशेष रूप से 90 प्रतिशत या उससे अधिक दृष्टिहीनता वाले यात्रियों के लिए रियायत का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। यदि दिव्यांग यात्री के साथ कोई सहयोगी यात्रा करता है, तो उसे भी समान रियायत का लाभ मिलता है। जारी किए गए रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे सॉफ्टवेयर में अद्यतन की जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय कार्ड की प्रति प्रस्तुत कर या ई-टिकट के माध्यम से भी आसानी से छूट का लाभ लिया जा सकता है।
दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इसके लिए जिला चिकित्सा अस्पताल द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र, जोधपुर मंडल के अंतर्गत सरकारी अस्पताल से जारी रेलवे रियायत प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र तथा पासपोर्ट आकार का फोटो आवश्यक है। सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाते हैं। सत्यापन के पश्चात कार्ड जारी कर आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाती है। रजिस्ट्रेशन मोबाइल नंबर पर रियायत कार्ड जारी होने की सूचना प्राप्त होने के पश्चात दिव्यांगजन वेबसाइट से रियायत कार्ड डाउनलोड करें। वही डाउनलोड किया गया कार्ड मान्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

