डायलिसिस रोगियों को दिव्यांग का दर्जा देने की मांग

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डायलिसिस रोगियों को दिव्यांग का दर्जा देने की मांग


जोधपुर, 11 मई (हि.स.)। सेकण्ड लाइफ संस्थान द्वारा सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया। इस ज्ञापन के जरिए यह मांग उठाई कि एंड-स्टेज रीनल डिजीज (किडनी फेलियर) से जूझ रहे मरीजों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत दिव्यांग श्रेणी में शामिल करने की पुरजोर तरीके जोड़ा जाए ताकि जीने का बेहतरीन अधिकार मिल सके।

संस्थान की अध्यक्ष शमा परवीन के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि किडनी फेलियर का मरीज शारीरिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट जाता है। चूंकि डायलिसिस मरीज की दोनों किडनियां 90 प्रतिशत से अधिक काम करना बंद कर देती हैं, इसलिए उन्हें भी अन्य 21 श्रेणियों की तरह दिव्यांग मानकर प्रमाण पत्र जारी किया जाए। उन्हें सरकारी भर्ती में पीएच कोटा का लाभ मिलना चाहिए। रोडवेज और रेलवे में मरीज व उसके सहायक को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा और आर्थिक संबल के लिए विशेष योग्यजन पेंशन दी जाए।

संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि डायलिसिस मरीज की स्थिति किसी भी दृष्टि से शारीरिक विकलांगता से कम नहीं है। यदि सरकार उन्हें दिव्यांग का दर्जा देती है, तो वे सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकेंगे और समाज की मुख्यधारा में लौट पाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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