जयपुर में 600 करोड़ से बदलेगी जर्जर सीवरेज लाइन, ग्रेटर क्षेत्र में जल्द शुरू होगा काम
जयपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। शहर में आमजन को सीवरेज लाइन टूटने और जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम प्रशासन जर्जर हो चुकी सीवरेज लाइनों को बदलने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना पर करीब 600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और इसके लिए रुडसिको से प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। हेरिटेज नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज लाइन बदलने का कार्य पहले से प्रगतिरत है, जबकि दूसरे चरण में ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में पुरानी लाइनों को बदला जाएगा। इस संबंध में निगम ने प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर नितिन शर्मा ने बताया कि “ग्रेटर निगम क्षेत्र में कई जगहों पर सीवरेज लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं, जिससे बार-बार टूटने और जाम की समस्या आती है। इन्हें बदलने से आमजन को राहत मिलेगी।”
उन्होंने बताया कि बजट स्वीकृति के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। डीपीआर के बाद टेंडर प्रक्रिया सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, जिसमें करीब तीन माह का समय लग सकता है। बारिश के दौरान खुदाई कार्य नहीं होने के कारण संभावना है कि मानसून के बाद काम शुरू किया जाएगा।
ग्रेटर निगम क्षेत्र के मानसरोवर, मालवीय नगर, जगतपुरा, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन में जर्जर सीवरेज लाइनों को बदला जाएगा। इन क्षेत्रों में बार-बार सीवर लाइन टूटने से सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इधर हेरिटेज नगर निगम क्षेत्र (चारदीवारी) में भी सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े स्तर पर कार्य चल रहा है। यहां 1040 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। अमृत योजना के तहत करीब 400 किलोमीटर सीवर लाइन को दुरुस्त और बदला जा रहा है। चारदीवारी क्षेत्र में 50 वर्ष से अधिक पुरानी लाइनों को बदलने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा वार्ड 3, 13 और 14 में सीवरेज लाइन बदलने का काम जारी है। वर्ष 2026 में भी 200 करोड़ रुपए से अधिक के नए टेंडर जारी किए गए हैं। हेरिटेज नगर निगम के वार्ड 99 और 100 में 278 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन और एसटीपी निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे 400 से अधिक कॉलोनियों को लाभ मिलेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

