बागियों ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें: बीस से ज्यादा वार्डों में आमने-सामने

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बागियों ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें: बीस से ज्यादा वार्डों में आमने-सामने


बागियों ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें: बीस से ज्यादा वार्डों में आमने-सामने


जयपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव-2026 में टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों दलों के 20 से ज्यादा वार्डों में टिकट से नाराज दावेदार बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। ऐसे में कई वार्डों में अधिकृत प्रत्याशियों के सामने अपनी ही पार्टी के बागियों की चुनौती खड़ी हो गई है। नाम वापसी की अंतिम तारीख से पहले दोनों दलों के वरिष्ठ नेता डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं और नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा के वार्ड-6 में संगीता बंदारा ने बागी होकर नामांकन दाखिल किया है। पार्टी ने यहां मंजू अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। वार्ड-15 में पंकज गोयल और तरुण गठोड़ भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह रुदल के लिए चुनौती बने हैं।

भाजपा के लिए वार्ड-16 की स्थिति सबसे चुनौतीपूर्ण है। यहां निवर्तमान पार्षद दिनेश कांवट और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह ने बागी होकर चुनावी मैदान संभाल लिया है। वार्ड-29 में विक्रम सिंह भाजपा प्रत्याशी महादेव बागड़ा के सामने चुनौती बने हुए हैं।

कांग्रेस में भी कई वार्डों में बागियों ने अधिकृत प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है। वार्ड-50 में विक्रम वाल्मीकि, वार्ड-78 में राजेश कुमावत और वार्ड-84 में हरीश बैरवा बागी होकर चुनाव मैदान में हैं। वार्ड-103 में अजहरुद्दीन कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद हनीफ को चुनौती दे रहे हैं, जबकि वार्ड-109 में इकराम और रईस खान की मौजूदगी से कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अयूब के सामने वोट बंटने का खतरा है।

वार्ड-77 में भाजपा के बागी रमेश सैनी, वार्ड-81 में स्वाति प्रणामी और वार्ड-86 में आशा ने पार्टी प्रत्याशियों के सामने चुनौती खड़ी की है। वार्ड-88 में अल्पना अग्रवाल और वार्ड-90 में पवन यादव भाजपा से बागी होकर मैदान में हैं। वार्ड-101 में मनोज मुद्गल की बगावत से भाजपा के साथ कांग्रेस के चुनावी समीकरण पर भी असर पड़ने की संभावना है।

वार्ड-104 में भाजपा के अरुण गठोड़ और कांग्रेस के सुनील ने बगावत कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। वार्ड-110 में कांग्रेस के अकबर पठान, वार्ड-113 में भाजपा के मुस्ताक अहमद और वार्ड-114 में कांग्रेस के फारुख मैदान में हैं।

वार्ड-136 में कांग्रेस के निवर्तमान डिप्टी मेयर असलम फारुखी की पत्नी के बागी उम्मीदवार के रूप में उतरने से पार्टी की परेशानी बढ़ी है। वार्ड-146 में शबनम खान तथा वार्ड-147 में वईस और जुनैद कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनौती बने हुए हैं।

बागियों की बढ़ती संख्या ने दोनों दलों का चुनावी गणित बिगाड़ दिया है। अब वरिष्ठ नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाम वापसी की अंतिम तारीख से पहले बागियों को मनाकर मैदान से हटाने की है। यदि बागी मैदान में डटे रहे तो कई वार्डों में वोटों का बंटवारा हो सकता है और अधिकृत प्रत्याशियों के लिए अपने ही दल के नाराज नेता चुनावी चुनौती बन सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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