पीले परिधानों में सजे दिव्यांग एवं निर्धन जोड़ों के चेहरों पर खिली मुस्कान

WhatsApp Channel Join Now
पीले परिधानों में सजे दिव्यांग एवं निर्धन जोड़ों के चेहरों पर खिली मुस्कान


उदयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। नारायण सेवा संस्थान के लियों का गुड़ा स्थित 'सेवा महातीर्थ' परिसर में शनिवार को दो दिवसीय 47वां नि:शुल्क दिव्यांग एवं निर्धन युवक-युवती सामूहिक विवाह समारोह बेहद श्रद्धा, उल्लास और आत्मीयता के साथ शुरू हुआ। वर्षों के संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद जब पीले परिधानों में सजे 50 जोड़े मंच पर आसीन हुए, तो पूरे परिसर में उत्सव और नई उम्मीदों का माहौल छा गया।

समारोह का विधिवत शुभारंभ प्रातः शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना और गणपति वंदन नृत्य 'घर में पधारो गजानंद जी' के साथ हुआ। इसके पश्चात् पीले फूलों से सजे हाड़ा सभागार में हल्दी और मेहंदी की पारंपरिक रस्में निभाई गईं।

संस्थान के संस्थापक-चेयरमैन पद्मश्री कैलाश 'मानव', सहसंस्थापिका कमला देवी, अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल तथा निदेशक वंदना अग्रवाल ने अतिथियों के साथ मिलकर वर-वधुओं को हल्दी और मेहंदी लगाई। ढोलक की थाप और पारंपरिक विवाह गीतों पर अतिथियों और परिजनों ने जमकर नृत्य किया, जिससे पूरा परिसर पारिवारिक उत्सव की तरह जीवंत हो उठा।

समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय सेना के पूर्व कमांडर बी.एल. बंधन (आगरा) एवं अर्जेंटीना से पधारे राजेश कंजानी सहित अन्य दानदाताओं व अतिथियों का संस्थान द्वारा पगड़ी, उपरना एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभिना अभिनंदन किया गया। इस दौरान अतिथियों ने संस्थान के नव-निर्मित भवन 'वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी' का अवलोकन भी किया और विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली।

विवाह के पहले दिन की शाम सांस्कृतिक संध्या के नाम रही। वैवाहिक गीतों की मधुर धुनों के बीच राधा-कृष्ण रास, रुद्रावतार हनुमान, मां दुर्गा के नवस्वरूप तथा अयोध्यापति श्रीराम पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाटिकाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि रविवार को प्रातः 11:15 बजे सभी 50 जोड़े वैदिक विधि-विधान के साथ पवित्र अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर दांपत्य सूत्र में बंधेंगे। संस्थान की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक उपहार एवं सामान भेंट किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

Share this story