धौलपुर में शिक्षकों ने उठाई लंबित समस्याओं के समाधान की मांग
धौलपुर, 14 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान की खंड इकाई धौलपुर शहर, ग्रामीण और मनियां द्वारा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर गुरूवार को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। धौलपुर जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर तथा उपखंडों पर उपखंडारियों को सौंपे गए ज्ञापनों के माध्यम से शिक्षकों ने लंबित समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जुलूस निकालकर राज्य सरकार से शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर अविलंब सकारात्मक निर्णय लेने की अपील भी की है।
संगठन के जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से ही महासंघ ने शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए निरंतर संवाद और सहयोग का प्रयास किया है। परंतु प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता और हठधर्मिता के कारण शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। जिला मंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि शिक्षसकों की प्रमुख मांगों में शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश सहित समस्त अवकाश यथावत रखे जाने और सत्र 2026-27 के शिविरा कैलेंडर में आवश्यक संशोधन करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित शेष सभी संवर्गों के स्थानांतरण अविलंब खोले जाएं। तृतीय श्रेणी शिक्षकों की विगत कई वर्षों से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को तुरंत पूर्ण किया जाए।वर्ष 2019 से क्रमोन्नत हुए विद्यालयों में वित्तीय स्वीकृति जारी कर शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए। प्रबोधक एवं तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से आरजीएचएस योजना को सुचारू रखने, संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण और पूर्व में दिए गए मांगपत्र के सभी बिंदुओं पर जल्द निर्णय लेने की मांग भी शामिल है। संगठन का हना है कि यदि सरकार और विभाग ने इन मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो महासंघ प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को विवश होगा। इस अवसर पर संभाग संगठन मंत्री गोविंद शर्मा तथा जिला संगठन मंत्री जयप्रकाश कटारा सहित अन्य मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप

