सहकारिता : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम

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सहकारिता : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम


धौलपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। जिला सहकारी विकास समिति की बैठक जिला कलक्टर एवं समिति अध्यक्ष श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई।बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में सहकारी आंदोलन को अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाना रहा। बैठक में जिला कलेक्टर ने सहकारी समितियों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने पैक्स के कंप्यूटरीकरण, ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समितियों के गठन तथा समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही अनाज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण तथा पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि क्रय विक्रय सहकारी समितियों एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण के लिए भूमि आवंटन किया जा चुका है। वहां शीघ्र गोदाम निर्माण की कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं बेहतर प्रबंधन से जोड़ना समय की आवश्यकता है। जिला कलक्टर ने निष्क्रिय सहकारी समितियों को पुनः सक्रिय करने तथा भूमि एवं भवन विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। जिला कलक्टर ने निर्धारित समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने तथा राज्य स्तरीय रैंकिंग में धौलपुर जिले की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग सतेन्द्र सिंह मीना, सचिव भूमि विकास बैंक ताराचंद मेहरा तथा प्रबंध निदेशक कॉ-ओपरेटिव बैंक भरतपुर नरेश शुक्ला सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप

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