धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार

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धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


धनतेरस पर बाजारों में उमड़ा खरीदारों का सैलाब: मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर एक किमी तक वाहनों की कतार


जयपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। धनतेरस के साथ शुक्रवार को छह दिवसीय दीपोत्सव का आगाज हो गया। शुभ मुहूर्त में खरीदारी की परंपरा के चलते जयपुर सहित प्रदेशभर के बाजारों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों का सैलाब उमड़ा। सर्राफा बाजार से लेकर बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड कपड़े और पूजन सामग्री की दुकानों तक रौनक रही। लोगों ने सोने-चांदी के आभूषणों और सिक्कों के साथ बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। वाहन बाजार में विशेष उत्साह नजर आया। नए वाहन खरीदने वालों की भीड़ के चलते मोती डूंगरी गणेश मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर तक कारों और दोपहिया वाहनों की कतार लग गई। दोपहर में यातायात का दबाव बढ़ने से आसपास की सड़कों पर जाम के हालात बन गए।

धनतेरस पर नया वाहन खरीदने के बाद भगवान गणेश के दर्शन और पूजा कराने की परंपरा के चलते सुबह से ही लोग कार, बाइक और स्कूटर लेकर मंदिर पहुंचने लगे। कई परिवार अपने नए वाहनों को फूलों की मालाओं से सजाकर पूजा कराने पहुंचे। कारों और दोपहिया वाहनों के साथ व्यावसायिक वाहनों की कतारें भी दिखाई दीं। मंदिर के आसपास का क्षेत्र नए वाहनों से भरा नजर आया।

वाहन शोरूम पर भी सुबह से ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने पहले से बुक कराए वाहनों की डिलीवरी धनतेरस के शुभ अवसर पर लेना पसंद किया। कई ग्राहकों ने ऑनलाइन बुकिंग के बाद शोरूम पहुंचकर वाहन की चाबी प्राप्त की। दोपहिया और चारपहिया दोनों श्रेणियों में मांग बनी रही। परिवारों में पहला वाहन खरीदने को लेकर भी खास उत्साह नजर आया। नए वाहन खरीदकर मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे कमल कुमार ने बताया कि धनतेरस पर नया वाहन घर लाना शुभ माना जाता है, इसलिए उन्होंने इसी दिन खरीदारी का निर्णय किया। सुरेश सैनी ने बताया कि वे लंबे समय से वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे, लेकिन डिलीवरी धनतेरस पर ही लेने का फैसला किया।

फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार नवरात्र से दीपावली तक वाहनों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। धनतेरस और दीपावली का सीजन व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में शामिल है। इस दौरान सोने-चांदी के आभूषणों और सिक्कों के अलावा वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड कपड़े, घरेलू उपकरण, सूखे मेवे, मिठाई और उपहार सामग्री की अच्छी बिक्री हुई है। खास तौर पर आभूषण और वाहन कारोबार में ग्राहकों का रुझान बना हुआ है।

सर्राफा बाजार में भी सुबह से ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। महिलाओं ने सोने की चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र और अन्य आभूषण पसंद किए, वहीं चांदी की पायल, बिछिया, सिक्कों और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी खूब मांग रही। कई लोगों ने दीपावली पूजन के लिए चांदी के नए सिक्के और पूजन सामग्री खरीदी। ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल कुमार विद्रोही के अनुसार धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी मान्यता के चलते लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार नई वस्तुएं खरीदीं।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते शहर के बर्तन बाजारों में भी दिनभर रौनक रही। लोगों ने स्टील, पीतल, तांबे और कांसे के बर्तनों के साथ झाड़ू और रसोई में उपयोग आने वाली अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। बर्तन कारोबारी रामअवतार अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस को लेकर व्यापारियों ने पहले से विशेष तैयारियां की थीं। मांग को देखते हुए तांबे-पीतल के बर्तनों, झाड़ू और घरेलू सामान का पर्याप्त स्टॉक रखा गया था। इस बार भी बाजार में अच्छी बिक्री हुई। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया। रंग-बिरंगी रोशनी और सजे हुए सामान से बाजारों में त्योहार का उत्साह दिखाई दिया।

धनतेरस पर गुलाबी नगरी भक्ति और उत्सव के रंग में डूबी नजर आई। शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। सुबह से ही दर्शन और पूजन के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आरोग्य और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शहर के प्रमुख धन्वंतरि मंदिरों और आयुर्वेद संस्थानों में भगवान का विशेष श्रृंगार कर महाआरती की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने निरोगी काया, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। चिकित्सकों और आयुर्वेद विशेषज्ञों ने भी विशेष हवन-पूजन में भाग लिया।

वहीं छोटी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर और गोविंददेवजी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में विशेष पूजन, अभिषेक, आरती और भजन-कीर्तन हुए। शाम को दीप प्रज्ज्वलित किए गए। श्रद्धालुओं ने माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान धन्वंतरि से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना की। शाम ढलते ही मंदिरों के साथ पूरा शहर दीपों और झालरों की रोशनी से जगमगा उठा।

ज्योतिषाचार्य पंडित बनवारी लाल शर्मा के अनुसार 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक द्वादशी तिथि रही। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हुई, जो प्रदोषकाल में भी रही। इसी कारण शुक्रवार को धनतेरस का पर्व मनाया गया। पूरे दिन हस्त नक्षत्र का शुभ योग रहा। इस दिन सोने-चांदी, वाहन, जमीन, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी गई। इसके अलावा हल्दी, साबुत धनिया और झाड़ू खरीदने का भी विशेष महत्व बताया गया। मान्यता है कि हल्दी और साबुत धनिया समृद्धि के प्रतीक हैं, जबकि झाड़ू को घर की स्वच्छता और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है। बर्तन और अनाज की खरीदारी को घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

धनतेरस के साथ शुरू हुआ दीपोत्सव अब अगले पांच दिनों तक अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और आयोजनों के साथ आगे बढ़ेगा। बाजारों की रौनक, घरों में दीप सजाने की तैयारियों और मंदिरों में पूजा-अर्चना के बीच पूरे शहर में दीपावली के स्वागत का उत्साह नजर आया। व्यापारियों को दीपावली तक कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Livevns.news Desk
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