डीजीपी ने प्रदेश भर में पुलिस अधिकारियों और सदस्यों से किया वीसी संवाद

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डीजीपी ने प्रदेश भर में पुलिस अधिकारियों और सदस्यों से किया वीसी संवाद


जयपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान को सुरक्षित बनाने और अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए पुलिस ने वाई-सीएलजी को और सक्रिय करने की तैयारी की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और वाई-सीएलजी सदस्यों से संवाद कर महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा और नशे की रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

डीजीपी ने कहा कि वाई-सीएलजी पुलिस और आमजन के बीच प्रभावी कड़ी के रूप में काम कर सकती है। सदस्यों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय करना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को भी वाई-सीएलजी सदस्यों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उन्हें अपराध रोकथाम तथा जनसुरक्षा के कार्यों में भागीदार बनाने के निर्देश दिए गए।

डीजीपी ने कहा कि वाई-सीएलजी सदस्यों को अपराध की आशंका वाली गतिविधियों और महत्वपूर्ण सूचनाओं को स्थानीय पुलिस तक गोपनीय रूप से पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे समय रहते कार्रवाई कर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

बैठक में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। वाई-सीएलजी सदस्यों के सहयोग से सुरक्षित वातावरण बनाने और महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने वाई-सीएलजी सदस्यों से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया।

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए भी वाई-सीएलजी सदस्यों को लोगों को जागरूक करने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।

पुलिस और वाई-सीएलजी के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए थाना और जिला स्तर पर व्हाट्सऐप समूह बनाने के निर्देश दिए गए। इन समूहों के माध्यम से पुलिस की जनहितकारी सूचनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

डीजीपी ने वाई-सीएलजी के माध्यम से मिली सूचनाओं पर हुई सफल पुलिस कार्रवाई को चिह्नित कर उसकी ‘सफलता कहानी’ तैयार करने के निर्देश दिए। इन कहानियों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आमजन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े और नागरिक अपराध रोकथाम में सहयोग के लिए प्रेरित हों।

डीजीपी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 73,184 वाई-सीएलजी सदस्य पुलिस से जुड़ चुके हैं। वाई-सीएलजी के कार्यों की प्रभावशीलता और अपराध रोकथाम में उनके योगदान की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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