बारिश के बीच परवान चढ़ी शिवभक्ति: गलता से निकली कांवड़ियों की कतार
जयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। सावन मास के दूसरे सोमवार को इंद्रदेव की मेहरबानी के बीच गुलाबी नगरी शिवभक्ति में सराबोर नजर आई। सुबह से रिमझिम बारिश के बीच गलता तीर्थ से कांवड़ियों के जत्थे शहर के विभिन्न शिवालयों की ओर बढ़ते रहे। कांवड़ यात्रियों के कदम बारिश में भी नहीं रुके। पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘ॐ नम: शिवाय’ के जयघोष से गूंजता रहा। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। गलता तीर्थ से शहर तक कई मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं।
कांवड़ियों ने गलता तीर्थ से लाए पवित्र जल से शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य व मंगल की कामना की। कई श्रद्धालु नंगे पांव मंदिर पहुंचे। मंदिरों के बाहर घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ।
सोमवार को डाक कांवड़ का उत्साह भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा गलता तीर्थ से जल लेकर अपने क्षेत्र के शिवालयों की ओर दौड़ते हुए पहुंचे। तेज गति से मंदिरों तक पहुंचकर उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान शिव मंदिर रुद्री पाठ, शिव चालीसा, महामंत्रों और जयकारों से गूंजते रहे।
कांवड़ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी भी विशेष आकर्षण रही। कई महिलाएं सिर पर कलश तो कुछ कंधों पर कांवड़ लेकर मंगल गीत गाते हुए गलता तीर्थ से विभिन्न शिवालयों तक पहुंचीं। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं और युवतियां ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ यात्रा करती नजर आईं। कई युवतियों ने पहली बार कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
वैशाली नगर स्थित प्रसिद्ध झाड़खंड महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। बारिश के बावजूद श्रद्धालु दर्शन और अभिषेक के लिए डटे रहे। शाम को भगवान भोलेनाथ का विशेष फूल बंगला सजाया गया और महाआरती हुई। इसी तरह ताड़केश्वर महादेव, रोजगारेश्वर, चमत्कारेश्वर महादेव सहित शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मंदिर समितियों की ओर से विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और महाआरती के आयोजन किए गए।
श्री खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर स्थित श्री आनन्देश्वर महादेव मंदिर में सावन सोमवार पर सवा लाख बेलपत्र अर्पित किए गए। पंडित राधेलाल चोबे की प्रेरणा से आयोजित अनुष्ठान के लिए नवग्रह पूजा, कलश स्थापना और गणेश पूजन के बाद मंत्रोच्चार के साथ बेलपत्र अर्पण शुरू हुआ। रविवार से शुरू हुआ यह आयोजन सोमवार तक चला और शिवलिंग पर सवा लाख बेलपत्र अर्पित किए गए।
श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि इस दौरान मंदिर परिसर अखंड रामधुनी से गूंजता रहा। आनन्देश्वर महादेव की बेलपत्र और फूलों से आकर्षक झांकी सजाई गई। शाम 5 बजे महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हनुमानजी महाराज को भी फूल बंगले की झांकी से सजाया गया।
दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा गणेश मंदिर परिसर के स्वयं आत्माराम जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन के द्वितीय सोमवार व प्रदोष के अवसर पर बाबा अमरनाथ की झांकी सजाई गई। यहां अमृत भजन संध्या का आयोजन हुआ। बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय कर दिया। सर्व समाज हिंदू महासभा के संस्थापक चंद्र प्रकाश भाड़ेवाला ने बताया कि नीरज अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन और भजन संध्या का आनंद लिया।
श्री अमरापुर स्थान में सावन के दूसरे सोमवार पर पूज्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज के 140वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 140 सेवाधारियों ने ‘आस्था की कांवड़’ उठाई। तड़के 4 बजे सभी भक्त गलता तीर्थ पहुंचे और वहां से जल भरकर ‘बम भोले’ तथा स्वामी टेऊँराम महाराज के जयकारों के साथ अमरापुर स्थान के लिए रवाना हुए।
‘चल कांवड़िया कहां चले, श्री अमरापुर दरबार चले...’ जैसे भजनों और जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। सुबह 7 बजे कांवड़ियों के अमरापुर स्थान पहुंचने पर मुख्य द्वार पर स्वागत किया गया। इसके बाद अमरापुरेश्वर महादेव का गलता से लाए जल से अभिषेक किया गया।
विशेष अनुष्ठान में पंचामृत और गोदूध से अभिषेक कर भगवान को बेलपत्र व रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। पूजा-अर्चना और आरती के बाद महादेव का अलौकिक श्रृंगार किया गया। स्वामी मनोहर लाल महाराज, संत मोहन लाल महाराज, संत नवीन और वेदाचार्य पंडित जितेंद्र दाधीच सहित संतों ने पूजा-अर्चना कराई।
एक दिन पूर्व श्री अमरापुर स्थान में हरिनाम संकीर्तन और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी हुआ। इस दौरान संत अमरनाथ महाराज, स्वामी मनोहर लाल महाराज, संत मोहन लाल महाराज और बम महाराज सहित संत मौजूद रहे। संतों ने सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज की आध्यात्मिक वाणी—दोहे, पद, छंद, भजन और कवित्त—को प्रदेश की हिंदी पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की मांग दोहराई।
वहीं पुराना तेजाजी मंदिर, मुख्य सोडाला स्थित सत्यवादी वीर तेजाजी धाम एवं तेजेश्वर महादेव मंदिर की ओर से 19 अगस्त को द्वितीय कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। आयोजक पं. मूलचंद शर्मा के अनुसार यात्रा गलता तीर्थ से शुरू होकर तेजाजी धाम तक पहुंचेगी। श्रद्धालु गलता से जल लेकर तेजेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे। यात्रा में डीजे के साथ धार्मिक भजनों और जयकारों का आयोजन होगा।
तेजाजी धाम पहुंचने के बाद भगवान तेजेश्वर महादेव का शिव अभिषेक, सहस्त्रघट और रुद्री पाठ होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति 51 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से शुल्क जमा कर टोकन प्राप्त करने की अपील की है। भोजन प्रसादी के लिए टोकन साथ लाना आवश्यक होगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समितियों ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। प्रमुख शिव मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। मंदिरों में प्रवेश, दर्शन और भीड़ प्रबंधन के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

