लोकतंत्र संवाद और विश्वास से होता है मजबूत : राज्यपाल
जयपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में भारतीय युवा संसद का 31वां अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सबके लिए न्याय, शांति, विकास और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण ही लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार है। लोकतंत्र का अर्थ सभी नागरिकों की विकास में समान भागीदारी है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से संपन्न होता है और संवाद से सुसंवाद तथा सुसंवाद से मैत्री के रास्ते निकलते हैं।
राज्यपाल ने भारत को विश्व का सबसे युवा राष्ट्र बताते हुए कहा कि युवा ही भारत की शान हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए न्याय नीति के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। युवाओं को अच्छी बातों को आत्मसात करना चाहिए, क्योंकि यही जीवनभर उनके काम आएंगी। अच्छी बातों को ग्रहण करने से विवेक जागृत होता है और विवेक से ही समाज में प्रतिष्ठा बनती है।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने संसद के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1921 में दिल्ली में 80 लाख रुपये की लागत से पुराने संसद भवन का निर्माण प्रारंभ करवाया था, जिसे छह वर्ष में पूरा किया गया। इससे पहले कलकत्ता के राइटर हाउस से शासन संबंधी आदेश जारी होते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनियोजित विचार के साथ देश के लिए नए संसद भवन का निर्माण करवाया है।
उन्होंने कहा कि संसद केवल एक निर्मित भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है और संविधान वहां का देवता है। जिसके मन में संसद और संविधान के प्रति यह भावना रहेगी, वह कभी संसद में असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने युवाओं से संसदीय लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास अर्जित करना जरूरी है। विश्वास के साथ लोकतंत्र में समझदारी होना भी आवश्यक है। उन्होंने समझदारी को सबसे बड़ा सद्गुण बताते हुए युवाओं से इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय, शांति और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनती है।
कार्यक्रम से पहले गुजरात सरकार की राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा ने लोकतंत्र में साझा समझ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को युवा शक्ति की सबसे अधिक आवश्यकता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही देश तेजी से आगे बढ़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

