प्रताप नगर कोचिंग हब को विकसित भारत संकल्प से जोड़ने की मांग

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प्रताप नगर कोचिंग हब को विकसित भारत संकल्प से जोड़ने की मांग


जयपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। प्रताप नगर स्थित कोचिंग हब को विकसित भारत संकल्प से जोड़ते हुए इसे रोजगार केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की गई है। ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने नगरीय आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा से कोचिंग हब को सफल बनाने के लिए राजस्थान आवासन मंडल, जयपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त टीम गठित करने की मांग की है।

ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा न ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू किए गए बेरोजगारी मुक्त भारत अभियान के तहत कोचिंग हब के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब 30 हजार युवाओं को 30 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक मासिक वेतन वाली नौकरियां उपलब्ध कराने का मॉडल तैयार किया गया है।

महासंघ के अनुसार नगरीय आवास मंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही नगरीय विकास विभाग के उच्च अधिकारियों, जेडीए आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल आयुक्त और नगर निगम आयुक्त की संयुक्त बैठक कर कोचिंग हब को विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

शर्मा ने कोचिंग हब में अत्यधिक किराये को प्रमुख समस्या बताते हुए इसे कम करने की मांग की। उन्होंने वर्तमान में की जा रही सीज कार्रवाई के दौरान कोचिंग हब में आवंटित कोचिंग संस्थानों को पर्याप्त समय देने की भी मांग रखी।

प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने कहा कि टेक्नो ग्लोब कोचिंग और सम्यक कंप्यूटर क्लासेस के माध्यम से अब तक करीब 15 लाख बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों से ही बेरोजगारी पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। ऐसे में कोचिंग हब के तीन टावरों में उच्च वेतन क्षमता वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर हर वर्ष करीब 30 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

पदाधिकारियों ने बताया कि कोचिंग हब के पहले सफल आवंटन में राजस्थान आवासन मंडल, जेडीए और नगर निगम ने संयुक्त रूप से व्यवस्था लागू की थी। उनके अनुसार यह व्यवस्था सफल हो रही थी, लेकिन बाद में गोपालपुरा क्षेत्र के कुछ भवन मालिकों की राजनीतिक लॉबी के कारण योजना में बदलाव किया गया। महासंघ का कहना है कि कोचिंग नियामक आयोग के कठोर नियमों की पालना के मद्देनजर अब कोचिंग संस्थानों के लिए कोचिंग हब को सफल बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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