भील प्रदेश की फिर गूंजी मांग: बीएपी विधायकों ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन

WhatsApp Channel Join Now
भील प्रदेश की फिर गूंजी मांग: बीएपी विधायकों ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन


जयपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भील प्रदेश की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई। भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग उठाई। विधायकों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

बीएपी के विधायक परंपरागत आदिवासी वेशभूषा में विधानसभा पहुंचे और सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान धरियावद विधायक थावरचंद डामोर ने कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासियों का शहादत स्थल है और इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाना चाहिए। यह मांग पहले भी उठाई जाती रही है और जब तक मांग पूरी नहीं होती, पार्टी इसे लगातार उठाती रहेगी।

डामोर ने कहा कि मानगढ़ की पहाड़ी कोई सामान्य स्थल नहीं, बल्कि आदिवासियों के बलिदान की भूमि है। उनके अनुसार मानगढ़ में 1500 से अधिक आदिवासी शहीद हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों के बलिदान की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मानगढ़ धाम आते हैं, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने के मामले में आगे कदम नहीं बढ़ाया गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिलने तक यह लड़ाई सदन के अंदर और सड़क पर जारी रहेगी। डामोर ने प्रदेश की भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता सरकार से ऊब चुकी है तथा आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनाव में जवाब देने के लिए तैयार है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story