एआई के दौर में आत्मनिर्भरता ही संप्रभुता की गारंटी: शेखावत
डिफेंस लैब जोधपुर का 68वां स्थापना दिवस समारोह मनाया
जोधपुर, 16 मई (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर के 68वें स्थापना दिवस पर बदलते वैश्विक परिदृश्य, नए युग के युद्ध और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की विधिक अनिवार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला। शेखावत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीक के दौर में संख्या बल अप्रासंगिक, आत्मनिर्भरता ही संप्रभुता की एकमात्र गारंटी है।
अपने उद्बोधन में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि विश्व अब एक बिल्कुल नए सामरिक युग में प्रवेश कर चुका है। परिवर्तन शाश्वत है, लेकिन वर्तमान में इसकी गति अप्रत्याशित हो चुकी है। पिछली पूरी शताब्दी में जितने वैज्ञानिक बदलाव नहीं हुए, उससे कहीं अधिक परिवर्तन पिछले 10 वर्षों में और उससे भी कई गुना तीव्र बदलाव पिछले मात्र एक वर्ष में देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि एआई और स्वार्मिंग टेक्नोलॉजी के आ जाने के बाद से युद्धों में मानवीय हस्तक्षेप लगातार कम हो रहा है। अब किसी भी देश का सामर्थ्य उसके सैनिकों की संख्या से तय नहीं होता। रूस-यूक्रेन युद्ध और खाड़ी के संकट इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जहां बिना सीमाएं मिले भी देश आपस में युद्ध लड़ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने थार मरुस्थल की अत्यंत विषम और प्रतिकूल परिस्थितियों में भारतीय सेना के लिए रक्षा समाधान और अत्याधुनिक उपकरण विकसित करने के लिए पूरे डिफेंस लैब परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के इस अमृत काल में देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर और पूर्ण विकसित भारत बनाने का मंत्र दिया है। भारत इस समय एक युगांतकारी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। यहां मौजूद वैज्ञानिक सौभाग्यशाली हैं कि ईश्वर ने उन्हें असाधारण कौशल व सामर्थ्य दिया है। इस राष्ट्र ने आपको देश की सेवा का अद्वितीय अवसर सौंपा है। वे इस सामथ्र्य का उपयोग करें और भारत को दुनिया के शीर्ष स्थान पर स्थापित करने के सच्चे वाहक बनें। रक्षा प्रयोगशाला के महानिदेशक आरवी हरप्रसाद, डिफेंस क्लब जोधपुर के निदेशक वीएस श्योराण, अजय सिंह राठौड़, दीपेश पाटीदार सहित सेना के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

